ENG vs BAN: बांग्लादेश के साथ वर्ल्ड कप में धोखा! थर्ड अंपायर का विवादित फैसला, जीवनदान पाने वाली इंग्लिश खिलाड़ी बोली- मुझे तो सही कैच लगा

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shorna akter catch
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हेदर नाइट ने नाबाद 79 रन बनाकर इंग्लैंड को बांग्लादेश पर जीत दिलाई.

थर्ड अंपायर ने रिप्ले में स्पष्ट नहीं दिखने पर भी हेदर नाइट को नॉट आउट बताया.

इंग्लैंड को जीत के लिए बांग्लादेश से 179 रन का लक्ष्य मिला था.

आईसीसी महिला वर्ल्ड कप 2025 में बांग्लादेश को 7 अक्टूबर को इंग्लैंड के सामने चार विकेट से करीबी हार मिली. गुवाहाटी में खेले गए मैच में हेदर नाइट ने नाबाद 79 रन की पारी खेलते हुए 179 रन के चेज में इंग्लिश टीम की नैया पार लगाई. जब वह 13 रन के स्कोर पर थी तब थर्ड अंपायर की वजह से उन्हें जीवनदान मिला. फहीमा खातून की गेंद पर हेदर नाइट का कैच कवर्स में शोरना अख्तर ने लपक लिया था. इंग्लिश बल्लेबाज इस पर पवेलियन के लिए रवाना हो गई मगर थर्ड अंपायर ने माना कि गेंद जमीन से लग गई थी. हालांकि उनके पास पर्याप्त सबूत नहीं थे.

हेदर नाइट ने 13 रन पर थर्ड अंपायर की तरफ से मिले जीवनदान का फायदा लेकर 79 रन की पारी खेली और टीम को 29 गेंद बाकी रहते चार विकेट से जिता दिया. अगर उन्हें जीवनदान नहीं मिलता तब बांग्लादेश मैच जीत सकता था क्योंकि उसने एक समय इंग्लैंड के पांच विकेट 78 रन पर ले लिए थे. हेदर नाइट के जाने का मतलब होता कि इंग्लिश टीम को पुछल्ले बल्लेबाजों के भरोसे लड़ना पड़ता. थर्ड अंपायर का जिम्मा गायत्री वेणुगोपालन के पास था. उन्होंने इंग्लैंड की पूर्व कप्तान को जीवनदान देते हुए कहा कि रिप्ले में स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं दिख रहा लेकिन बल्लेबाज नॉट आउट है.

हेदर नाइट ने नॉटआउट देने पर क्या कहा

 

हेदर नाइट ने प्लेयर ऑफ दी मैच बनने के बाद कैच को लेकर कहा कि उन्हें तो लगा कि सही से पकड़ा गया है. इसी वजह से वह ड्रेसिंग रूम के लिए रवाना हो गई. लेकिन थर्ड अंपायर को लगा कि कैच नहीं था. नाइट को बांग्लादेश के खिलाफ कुल तीन बार जीवनदान मिला. कैच पर फैसला बदलने के साथ ही दो बार उनके खिलाफ एलबीडब्ल्यू के फैसलों में भी बदलाव हुआ. इस पर नाइट ने कहा कि ऐसा तो उनके साथ पहली बार हुआ है.

हेदर नाइट ने इंग्लैंड की बैटिंग पर क्या कहा

 

नाइट ने चेज के दौरान इंग्लिश टीम की बैटिंग को लेकर कहा कि खिलाड़ियों ने हालात को खुद से ही मुश्किल बना लिया. लेकिन वर्ल्ड कप में सबसे जरूरी जीत हासिल करना होता है और आखिर में वही हुआ. शुरू में काफी दिक्कत हुई. बांग्लादेशी बॉलर काफी खतरनाक थी और इसका तरीका ढूंढ़ना था. जैसे-जैसे बैटिंग आगे बढ़ी वैसे खेलना आसान हो गया.