5वें टेस्ट से बाहर होने वाले बेन स्टोक्स का बड़ा बयान, बोले- हैंडशेक न करने को लेकर मुझे कोई पछतावा नहीं

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ऑटोग्राफ देते बेन स्टोक्स
ऑटोग्राफ देते बेन स्टोक्स

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बेन स्टोक्स ने हैंडशेक विवाद पर बड़ा बयान दिया है

बेन स्टोक्स ने कहा कि मुझे उसको लेकर कोई पछतावा नहीं है

इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी की पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के पांचवें और आखिरी टेस्ट में नहीं खेलेंगे. ऐसे में मैच से ठीक पहले हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कई सवालों के जवाब दिए. स्टोक्स ने ओल्ड ट्रैफर्ड में चौथे टेस्ट के दौरान हुई "हैंडशेक विवाद" के बारे में बात की. ओवल टेस्ट से पहले स्टोक्स से पूछा गया कि क्या उन्हें मैनचेस्टर में हुई घटना पर कोई पछतावा है. स्टोक्स ने जवाब दिया, "कोई पछतावा नहीं. जब आप 250 ओवर तक मैदान पर नहीं होते, तो आप दोनों पक्षों को समझते हैं. रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने उस समय तक शानदार खेल दिखाया था, और मैं समझता हूं कि वे अपने शतक के लिए मैदान पर रहना चाहते थे."

मैनचेस्टर टेस्ट में क्या हुआ?

चौथे टेस्ट में विवाद तब शुरू हुआ जब भारतीय बल्लेबाज रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने स्टोक्स के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें उन्होंने आखिरी घंटे से पहले मैच को ड्रॉ घोषित करने की बात कही थी. जडेजा 89 और वाशिंगटन 80 रन पर थे, और उन्होंने कड़ी मेहनत से ड्रॉ की स्थिति बनाई थी. फिर भी, उन्होंने स्टोक्स के प्रस्ताव को नकार दिया, जिससे स्टोक्स नाराज हो गए.

स्टोक्स, जैक क्रॉली और बेन डकेट ने भारत के खेल जारी रखने के फैसले की आलोचना की. स्टोक्स ने मजाक में कहा, "क्या आप हैरी ब्रूक के खिलाफ शतक बनाना चाहते हैं?" जडेजा ने जवाब दिया, "मैं कुछ नहीं कर सकता." प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टोक्स ने अपने हैंडशेक प्रस्ताव का बचाव किया, जबकि जडेजा ने शांत रहते हुए और मुस्कुराते हुए कहा कि भारत को नियमों के अनुसार बल्लेबाजी जारी रखने का हक था.

आखिरकार, भारतीय बल्लेबाजों ने अपने शतक पूरे किए, और मैच ड्रॉ रहा. मेजबान इंग्लैंड चार टेस्ट के बाद 2-1 से आगे है, जिसमें कई विवाद भी देखने को मिले.