IND vs ENG सीरीज से पहले सुनील गावस्कर इंग्लैंड क्रिकेट पर भड़के, भारतीय खिलाड़ियों को सुनाया यह फरमान

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Sunil Gavaskar
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भारत और इंग्लैंड 20 जून से टेस्ट सीरीज का आगाज करेंगे जो अगस्त तक चलेगी.

इंग्लैंड में भारत की टेस्ट सीरीज का नाम पटौदी ट्रॉफी है.

भारत में इंग्लैंड के साथ टेस्ट सीरीज की ट्रॉफी को एंथनी डीमेलो ट्रॉफी कहा जाता है.

भारतीय क्रिकेट टीम जून में पांच टेस्ट मैच की सीरीज के लिए इंग्लैंड दौरे पर जाएगी. इससे पहले पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के एक फैसले से नाराज हैं. बताया जाता है कि इंग्लिश बोर्ड भारत-इंग्लैंड टेस्ट की सीरीज की पटौदी ट्रॉफी को रिटायर कर सकता है. उसने इस दिशा में कदम उठाए हैं और पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी के परिवार को जानकारी दी है. गावस्कर इससे खफ़ा हैं. उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों से कहा कि अगर इस सीरीज की ट्रॉफी का नामकरण अगर उन पर किए जाने का प्रस्ताव आए तो वह साफ मना कर दें. भारत और इंग्लैंड 20 जून से टेस्ट सीरीज का आगाज करेंगे जो अगस्त तक चलेगी.

गावस्कर ने इंग्लिश बोर्ड को क्या सुनाया

 

गावस्कर ने स्पोर्टस्टार के लिए अपने लेख के जरिए इंग्लिश बोर्ड पर हमला बोला. उन्होंने कहा, 'ईसीबी के पटौदी ट्रॉफी को रिटायर करने की खबर परेशान करने वाली है. पहली बार कोई सुन रहा है कि किसी ट्रॉफी को रिटायर किया जा रहा है. हालांकि यह फैसला पूरी तरह से ईसीबी का है और बीसीसीआई को शायद जानकारी दी गई हो. यह दिखाता है कि पटौदी परिवार ने इंग्लैंड और भारत के क्रिकेट में जो योगदान दिया उसके प्रति कोई संवेदनशीलता नहीं है.'

गावस्कर ने आगे कहा, 

हो सकता है कि ट्रॉफी का नाम नए खिलाड़ियों पर हो सकता है और उम्मीद की जाती है कि अगर किसी भारतीय खिलाड़ी से संपर्क किया जाए तो वह पूरे सम्मान से मना कर दे. ऐसा न सिर्फ भारत के दो पूर्व कप्तानों के प्रति सम्मान के चलते किया जाए बल्कि इसलिए भी किया जाए ताकि कल को उनके साथ भी ऐसा हो सकता है. ईसीबी के पास अपने खिलाड़ियों पर ट्रॉफी के नामकरण का पूरा अधिकार है लेकिन मैं बहुत सारे भारतीय क्रिकेट के समर्थकों के साथ उम्मीद करता हूं कि कोई दूसरा भारतीय क्रिकेटर मना कर देगा.

इंग्लिश बोर्ड के पटौदी ट्रॉफी को रिटायर करने पर पिछले दिनों टाइगर पटौदी की पत्नी शर्मिला टैगोर ने भी कड़ा रुख अपनाया था. उन्होंने इस फैसले की जमकर आलोचना की थी.