IND vs NZ: भारत के सामने लगातार 5वीं हार का खतरा, ओपनर्स और पेसर सुधरे तो ही हारेगा न्यूजीलैंड!

IND vs NZ: भारत के सामने लगातार 5वीं हार का खतरा, ओपनर्स और पेसर सुधरे तो ही हारेगा न्यूजीलैंड!

भारतीय टीम जब रविवार को न्यूजीलैंड के सामने दूसरे वनडे में उतरेगी तब उसके सामने सीरीज बचाने की चुनौती होगी. साथ ही इस मुल्क में चार साल से कोई वनडे नहीं जीत पाने के खराब सिलसिले को तोड़ने का लक्ष्य भी रहेगा. भारतीय टीम को शुरुआती ओवर्स में अपनी बैटिंग के रवैये को बदलने की जरूरत है. टीम इंडिया उम्मीद करेगी कि कप्तान शिखर धवन और युवा शुभमन गिल पावरप्ले ओवरों में बेहतर रवैया अपनाएं. हैमिल्टन का सेडन पार्क तीनों ओर से खुला मैदान है लेकिन न्यूजीलैंड में बल्लेबाजों के लिए सबसे मददगार मैदानों में से एक के रूप में मशहूर है जिसमें बल्लेबाजों को अपने शॉट के लिए उचित रन मिलेंगे.

पहले वनडे में धवन (77 गेंद में 72 रन) और गिल (65 गेंद में 50 रन) ने पहले विकेट के लिये 123 रन की भागीदारी निभाई थी लेकिन ईडन पार्क जैसे छोटे मैदान पर सात विकेट पर 306 रन का स्कोर कम से कम 40 रन से कम रहा. गेंदबाजों ने महज 47 ओवर में ये रन गंवा दिये जिससे जिम्मेदारी मुख्य बल्लेबाजों पर ही आ जाती है क्योंकि अगर वाशिंगटन सुंदर ने शानदार योगदान नहीं दिया होता तो भारत 300 रन के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच पाता. यह काफी हद तक पहले 10 पावरप्ले ओवरों में भारतीय सलामी बल्लेबाजों के सतर्कता भरे दृष्टिकोण की बदौलत ही हुआ जिसमें जरूरत के मुताबिक रन नहीं बने.

मोईन अली ने हाल में एक साक्षात्कार में कहा था कि जो टीमें पहले सफेद गेंद के क्रिकेट में आस्ट्रेलिया के तरीके को अपनाती थीं अब वे इंग्लैंड की ओर देखने लगी हैं जिसने हाल के दिनों में इस फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन किया है. भारतीय टीम इसी में पिछड़ रही है और ऑकलैंड में टीम पहले पावरप्ले ओवर में कम से कम 40 रन से पिछड़ी. एक और आंकड़े से भारतीय शीर्ष क्रम बल्लेबाजों के सीमित ओवर के फॉर्मेच में रवैये का पता चलता है (इसमें सिर्फ रोहित शर्मा, केएल राहुल या विराट कोहली ही शामिल नहीं हैं).

धवन ने 77 गेंद में 72 रन बनाए जिसमें 13 चौके जड़े थे. जिससे उन्होंने 13 गेंदों में चौकों से 52 रन जोड़े. जबकि बचे हुए 20 रन के लिये उन्होंने 64 गेंद खेली और इसमें से 44 ‘डॉट’ गेंद रहीं क्योंकि वह पावरप्ले में रन नहीं बना पा रहे थे. जहां कप्तान एक ओर जूझ रहा था, वहीं गिल ने एक और अर्धशतक जड़कर अपने कुल औसत को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया लेकिन उनकी पारी की रफ्तार भी बहस का विषय है. उन्होंने 65 गेंद में 50 रन बनाये जिसमें तीन छक्के और एक चौका जड़ा था. मतलब चार गेंद में 22 रन बने. उन्होंने बाकी के 28 रन 61 गेंद खेलकर बनाए.

 

खिलाड़ी नए खेलने का अंदाज पुराना

पारी की नींव तैयार करने और तेजी से रन जुटाने का काम अंत की ओर छोड़ने के इसी रवैये से भारत ने टी20 विश्व कप गंवा दिया लेकिन हैरानी की बात है कि इस सीरीज के लिये वनडे में खिलाड़ियों के बदलने के बावजूद बल्लेबाजी दृष्टिकोण वही पुराना वाला बना हुआ है. पारी का आगाज करने के लिये इतने सारे खिलाड़ी मशक्कत कर रहे हैं तो यह निहायत ही जरूरी है कि खिलाड़ी तेजी से रन जुटाए ताकि 50 ओवर के विश्व कप से तीन या चार महीने पहले नए चयनकर्ता पूल की 20 के करीब छंटनी करें तो रन की संख्या की अनदेखी नहीं की जा सकती.

 

गिल का अगली सीरीज खेलना मुश्किल

धवन निश्चित रूप से अगले महीने बांग्लादेश में रोहित के साथ पारी का आगाज करेंगे और कोई गारंटी नहीं है कि शुभमन प्लेइंग इलेवन में अपना स्थान बरकरार रख पायेंगे क्योंकि रोहित सलामी बल्लेबाज के तौर पर वापसी करेंगे. केएल राहुल मध्यक्रम में सूर्यकुमार यादव (अगली सीरीज के लिये आराम दिये जाने पर) का स्थान ले सकते हैं. टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की तुलना में वनडे में ऋषभ पंत का स्ट्राइक रेट और औसत काफी बेहतर है लेकिन इस सीरीज के उप कप्तान को और अधिक निरंतर रहने की जरूरत है ताकि विकेटकीपिंग के लिए संजू सैमसन और ईशान किशन से आगे रह सकें जो निश्चित रूप से उनके करीब हैं.

 

लैथम-विलियमसन का तोड़ निकालना होगा!

ईडन पार्क की पिच पर भारतीय तेज गेंदबाजों ने काफी कम गेंदबाजी की है. उन्हें टॉम लैथम और केन विलियमसन से मुकाबला करने के लिये तरीका ढूंढ़ने की जरूरत है. ये दोनों खिलाड़ी इस फॉर्मेट में भारत के खिलाफ काफी निरंतर रहे हैं. उमरान मलिक 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने में प्रभावी रहे, अर्शदीप सिंह स्विंग हासिल करने की काबिलियत के बावजूद जूझते दिखे और शार्दुल ठाकुर भी अच्छा नहीं कर पाए.

 

टॉस भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा क्योंकि सेडन पार्क पर शाम होते होते बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है. अगर भारतीय टीम लक्ष्य का पीछा करती है तो उनके लिये अच्छा होगा क्योंकि स्पिनरों को शाम में ओस की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. देखना होगा कि युजवेंद्र चहल की जगह कुलदीप यादव को आजमाया जाता है या नहीं.

 

टीमें इस प्रकार हैं :

भारत: शिखर धवन (कप्तान), शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), दीपक हुड्डा, शाहबाज अहमद, वाशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, दीपक चाहर, अर्शदीप सिंह, शार्दुल ठाकुर और उमरान मलिक.

 

न्यूजीलैंड: केन विलियमसन (कप्तान), फिन एलन, डेवॉन कॉनवे, टॉम लैथम, डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, माइकल ब्रेसवेल, टिम साउदी, मैट हेनरी, एडम मिल्न, जिमी नीशम, मिचेल सैंटनर और लॉकी फर्ग्यूसन.