हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) की कप्तानी में न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) दौरे पर तीन मैचों की टी20 सीरीज जीतने के बाद अब इतने ही मैचों की वनडे सीरीज खेली जानी है. इसके लिए टीम इंडिया के गब्बर कहे जाने वाले शिखर धवन (Shikhar Dhawan) ने सीरीज से पहले बड़ा बयान दे डाला है. शिखर ने अपनी कप्तानी के अनुभव को शेयर करते हुए कहा कि अब उन्हें पता है कि कब लगाम कसनी है और कब उसे ढीला छोड़ना है. बतौर कप्तान अब कड़े फैसले के लिए मैं खुद को ज्यादा तैयार महसूस करता हूं.
शिखर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले कहा, "जब आप किसी तार वाले ध्वनि यंत्र से संगीत बजाते हैं और तार बहुत ढीला है तो उसका सुर अच्छा नहीं आएगा, तार बहुत कसा गया है तो टूट जाएगा. इसलिए बैलेंस बहुत ही ज्यादा जरुरी है. आपको पता होना चाहिए कि कब तार को कसना है और कब उसे थोड़ा ढीला रखना है. यह समय पर निर्भर करता है. इस स्तर पर मैं यह भी समझ गया हूं कब खिलाड़ियों से कैसी बात करनी है और कितनी बात करनी है."
घरेलू क्रिकेट में बनना पड़ता है सख्त
वहीं धवन ने आगे कहा, "किसी गेंदबाज की गेंद पर अगर शॉट लगता है तो यह जानना जरूरी है कि उससे कब बात करनी है. जब माहौल में गर्मी हो तो मैं उससे बात नहीं करूंगा. इसके बजाय मैं उससे बाद में सहजता से बात करूंगा. यह इस पर भी निर्भर करता है कि आप किस स्तर पर कप्तानी कर रहे हैं. यदि यह आईपीएल है तो ज्यादातर खिलाड़ी परिपक्व होते हैं, इसलिए आपको यह सोचना पड़ेगा तार कसना है या नहीं. रणजी ट्रॉफी में कुछ अवसरों पर आपको दृढ़ता दिखानी होती है क्योंकि उस स्तर पर कुछ खिलाड़ी कच्चे घड़े की तरह होते हैं और आपको उन्हें ढालने के लिए सख्त बनना पड़ता है."

