वैभव सूर्यवंशी से जुड़े सवालों पर गौतम गंभीर ने तोड़ी चुप्पी, बोले- मेरा काम किसी को खुश करना नहीं

Shakti Shekhawat

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वैभव सूर्यवंशी के साथ गौतम गंभीर.
वैभव सूर्यवंशी के साथ गौतम गंभीर.

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वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार खेल दिखाने के बाद भारतीय टीम में लिया गया था.

वैभव सूर्यवंशी अभी तक ओपनर व नंबर तीन के रूप में टीम इंडिया में खेले हैं.

वैभव सूर्यवंशी ने अभी तक भारत के लिए 185.53 की स्ट्राइक रेट व 29.50 की औसत से 295 रन बनाए हैं.

वैभव सूर्यवंशी भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज के पांच में से दो ही मैचों में खेले. इशान किशन के चोटिल होने के चलते उन्हें यह मौके मिले. भारत ने पहले तीन मैच जीतकर सीरीज अपने नाम कर ली थी. तब समझा गया कि आखिरी दो मैचो में वैभव सूर्यवंशी को खिलाया जा सकता है. मगर ऐसा नहीं हुआ. इशान फिट हुए और वे ही नंबर तीन पर खेलने आए. संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने ओपनिंग की. हैमिल्टन में पांचवें व आखिरी टी20 से पहले भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने नाम लिए बिना वैभव से जुड़े सवाल का जवाब दिया और साफ किया कि वे लोगों को खुश करने वाले फैसले नहीं लेते हैं.

वैभव को आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए शानदार खेल दिखाने के बाद भारतीय टीम में लिया गया था. उन्होंने इंग्लैंड दौरे पर जुलाई में भारत के लिए टी20 डेब्यू किया था. अभी तक 10 मैच खेल चुके हैं और इनमें 185.53 की स्ट्राइक रेट व 29.50 की औसत से 295 रन बनाए हैं. दो फिफ्टी बनाई है. उन्हें जिम्बाब्वे दौरे पर पूरी सीरीज में खेलने के मौके मिले थे क्योंकि तब संजू टीम का हिस्सा नहीं थे. इससे पहले इंग्लैंड के सामने तीन, अभी न्यूजीलैंड के सामने दो मैच खेले. एशियन गेम्स में भी दो मैच खेले थे. केवल एक ही सीरीज में वे सभी मैच खेले हैं. दरअसल सूर्यवंशी ओपन करते हैं और संजू और अभिषेक की जोड़ी इस भूमिका में कमाल कर रही है. उनके लिए जगह बनाने के लिए संजू को नंबर तीन पर जाना पड़ता है. ऐसा एशियन गेम्स में दिखा था. फिर न्यूजीलैंड के साथ तीसरे टी20 में भी ऐसा हुआ था. नतीजतन सूर्यवंशी को लगातार खेलने को नहीं मिल रहा और सवाल उठ रहे हैं. इसी को लेकर गंभीर ने 1 नवंबर को तस्वीर साफ की.

गौतम गंभीर ने सूर्यवंशी से जुड़े मुद्दे पर क्या कहा

भारतीय टीम के हेड कोच ने ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए बड़ी स्क्वॉड और खिलाड़ियों को खुश रखने के सवाल पर तीखा जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'सबसे पहली बात, मेरा काम हर किसी को खुश करना नहीं है. मेरा काम सही फैसले लेना है न कि ऐसे फैसले लेना जो सबको पसंद आएं. मैं इसी काम के लिए यहां हूं. आज के दौर में, सोशल मीडिया और बाकी तमाम चर्चाओं की वजह से, बाहर बहुत कुछ होता रहता है. ऐसे में, लोगों को पसंद आने वाला फैसला लेना बहुत आसान होता है. लेकिन मेरे लिए, सबसे ज़रूरी बात सही फैसला लेना है और यह सुनिश्चित करना है कि ड्रेसिंग रूम के अंदर खिलाड़ियों को पूरा भरोसा और सुरक्षा का एहसास हो. जैसा कि आपने अभी कहा, टीम में बहुत टैलेंट है. खिलाड़ियों ने लंबे समय तक शानदार प्रदर्शन किया है, इसलिए वे निश्चित रूप से और अधिक मौके पाने के हकदार हैं. और इसी सोच के साथ हम इस सीरीज़ में आगे बढ़ रहे हैं.'

वैभव सूर्यवंशी के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना मुश्किल क्यों

भारतीय टीम टी20 में आठवें नंबर तक बैटिंग रखती है और इसके बाद स्पेशलिस्ट बॉलर होते हैं. संजू और अभिषेक ओपन करते हैं. फिर नंबर तीन पर इशान, नंबर चार पर श्रेयस अय्यर, नंबर पांच पर तिलक वर्मा, छह पर नमन धीर, सात पर नीतीश रेड्डी और आठ पर अक्षर पटेल रहते हैं. कभी निचली तीन पॉजीशन पर शिवम दुबे आ जाते हैं. जब हार्दिक पंड्या फिट होंगे तो वे इन भूमिकाओं में खेलेंगे. सूर्यवंशी टॉप ऑर्डर के बैटर हैं. संजू, अभिषेक और इशान के रहते उनका खेलना मुश्किल है. एशियन गेम्स में वीवीएस लक्ष्मण ने एक रास्ता यह निकाला था कि इशान को पांचवें नंबर पर भेज दिया था जिससे सूर्यवंशी ओपन कर रहे थे और संजू नंबर तीन पर खेल रहे थे. मगर गंभीर इससे अलग रणनीति रखते हैं. संजू, अभिषेक और इशान में से किसी के बाहर जाने पर ही सूर्यवंशी के लिए टी20 में नियमित मौके बन पाएंगे.

सूर्यवंशी को लेकर टीम मैनेजमेंट से क्या सलाई दी गई

भारतीय टीम के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने भी पिछले दिनों सूर्यवंशी से जुड़े सवाल पर कहा था कि बार-बार उनके बारे में बात करना ठीक नहीं है. इससे खिलाड़ी पर भी दबाव बनता है. कोटक ने दूसरे टी20 से पहले कहा था, 'वह अभी बहुत छोटा है, लेकिन टीम मैनेजमेंट में हर कोई उसका बहुत ख्याल रखता है. हर कोई उसे पसंद करता है. लेकिन सिर्फ इसलिए कि लोग उसे पसंद करते हैं, आप प्लेइंग इलेवन में बदलाव नहीं कर सकते. वह बहुत टैलेंटेड है और मुझे यकीन है कि उसका भविष्य बहुत शानदार होने वाला है.  जब उसे मौके मिलेंगे और वह टीम में सेट हो जाएगा तो वह बहुत कुछ सीखेगा. मुझे लगा कि शुरुआत में बहुत ज्यादा हाइप बन गई थी कि 'उसे खेलना ही चाहिए.' मुझे सच में लगा कि यह उस खिलाड़ी के लिए भी अच्छा नहीं था. और यह उन दूसरे ओपनर्स के लिए भी दुखद है, जो अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन लोग सवाल उठा रहे हैं कि वह क्यों खेल रहा है?'

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