भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला हरारे में खेला गया. इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 18 गेंद में फिफ्टी जड़कर जहां तमाम सुर्खियां बटोरीं, वहीं टीम इंडिया के लिए दो साल बाद वापसी करने वाले मयंक यादव ने भी दिखाया कि वो भविष्य के स्टार बनने का दमखम रखते हैं. बीते दो सालों से इंजरी के चलते परेशान चल रहे मयंक पूरी तरह फिट नजर आए और उन्होंने जिम्बाब्वे के मैदान पर पहली ही गेंद 149 की रफ्तार से फेंकी तो विकेट भी मिला. इस तरह जब मयंक जिम्बाब्वे में गेंदबाजी के लिए रन-अप ले रहे थे, उसी समय उनके पिता मथुरा में 21 किलोमीटर की गोवर्धन परिक्रमा कर रहे थे. इसका खुलासा मयंक की शानदार वापसी के बाद हुआ.
मयंक के पिता ने क्या कहा?
मयंक यादव की वापसी को लेकर उनके पिता प्रभु यादव ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया कि वो मैच नहीं देख सके और जब उनका बेटा खेल रहा था, उस समय वो मथुरा में गोवर्धन की परिक्रमा कर रहे थे. उन्होंने भगवान से मयंक के लिए प्रार्थना की और यही मांगा कि वो पूरी तरह फिट रहे, क्योंकि बीते दो सालों में उसने काफी कुछ झेला है.
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मयंक यादव को कब से हुई इंजरी और कैसे दो साल तक रहे बाहर?
मयंक यादव की बात करें तो साल 2023 से वह लगातार इंजरी से जूझते रहे और यही कारण रहा कि आईपीएल में 150 से अधिक की रफ्तार का ट्रेलर दिखाने के बाद वो गायब ही रहे. मयंक को साल 2023 में हैमस्ट्रिंग इंजरी हुई और आईपीएल 2023 के पूरे सीजन से वह बाहर हो गए थे. आईपीएल 2024 में उन्होंने डेब्यू किया और 150 से अधिक की रफ्तार से सबके दिल में जगह बनाई. मगर कुछ मैचों के बाद ही साइड स्ट्रेन और बैक की समस्या आ गई. इसके चलते मयंक न सिर्फ आईपीएल 2024 से बाहर हुए, बल्कि अक्टूबर तक क्रिकेट से दूर रहे. अक्टूबर में टीम इंडिया से उन्हें डेब्यू का मौका मिला, लेकिन तीन मैच खेलने के बाद इंजरी पूरी तरह सही नहीं होने के चलते फिर क्रिकेट से दूर हो गए. मयंक को फिर 2025 में बैक की सर्जरी करानी पड़ी और उसके बाद हैमस्ट्रिंग में सूजन भी आई. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अब दो साल बाद पूरी तरह फिट होकर टीम इंडिया के लिए धांसू वापसी की है. अब सभी फैंस को उम्मीद होगी कि मयंक लगातार खेलें और अपनी रफ्तार से भविष्य में टीम इंडिया को मैच जिताते नजर आएं.




