भारत और श्रीलंका के बीच गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल को उनकी शानदार बैटिंग के लिए प्लेयर ऑफ दी मैच चुना गया. उन्होंने पहली पारी में 167 रन बनाए तो दूसरी पारी में 44 रन का योगदान दिया. इससे भारत ने स्पिन की मददगार पिच पर 165 रन से जीत हासिल की. इससे टीम इंडिया दो मैच की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई. पडिक्कल ने मार्च 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट से डेब्यू किया था. उन्होंने अभी तक तीन ही टेस्ट खेले हैं और तीनों अलग-अलग देशों में आए हैं.
पडिक्कल ने पहला टेस्ट मार्च 2024 में धर्मशाला में खेला. इसके बाद नवबंर 2024 में पर्थ में दूसरी बार टेस्ट खेलने का मौका मिला. इसके बाद अगला टेस्ट अब गॉल में अगस्त 2026 में आया है. उन्होंने डेब्यू में अर्धशतक लगाया. मगर दूसरे टेस्ट में पहले बिना खाता खोले आउट हुए फिर 25 रन बनाकर गए. तीसरे में उन्होंने शतक लगाते हुए खुद को टीम इंडिया में नंबर तीन की पॉजीशन के लिए मजबूत दावेदार बना दिया.
पडिक्कल को गॉल टेस्ट में साई सुदर्शन की चोट की वजह से मौका मिला. उन्होंने इसका पूरा फायदा उठाया. पडिक्कल ने प्लेयर ऑफ दी मैच बनने के बाद कहा, 'दो मुश्किल वेन्यू पर खेलने का मौका मिला. मेरा करियर ही इस तरह का रहा है. मैंने धर्मशाला से शुरुआत की थी फिर पर्थ में खेला और अब गॉल में. लेकिन मैं इससे बेहतर कुछ नहीं मांग सकता था. खेल मजेदार रहा. मुझे लगता है कि हमने काफी अच्छा क्रिकेट खेला और जीत से काफी खुश हूं.'
पडिक्कल के इस खेल से सुदर्शन की भारतीय टेस्ट टीम में वापसी टल सकती है. वे इस सीरीज से पहले तक नंबर तीन पर खेल रहे थे. लेकिन वे सात टेस्ट खेलने के बाद भी इस पॉजीशन पर जगह पक्की नहीं कर पाए थे. उनका सर्वोच्च स्कोर नंबर तीन पर 87 रन था. पडिक्कल ने गॉल की मुश्किल पिच पर जिस तरह से बैटिंग की उससे आने वाले कुछ मैचों तक उनका खेलना तय हो गया है.




