भारत ने श्रीलंका के सामने गॉल टेस्ट जीतने के लिए 372 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा है. पहली पारी में 178 रन की बढ़त लेने के बाद चौथे दिन भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में 193 रन बनाकर बढ़त 371 रन कर ली और मेजबान के सामने मुश्किल लक्ष्य रख दिया. भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पहली पारी को बीते दिन ही 284 रन पर ऑलआउट कर दिया था. हालांकि बारिश के कारण भारत तीसरे दिन बैटिंग नहीं कर पाया. चौथे दिन की शुरुआत भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी शुरू करके की और ऋषभ पंत की 66 रन की पारी की बदौलत 193 रन बनाए. उनके अलावा देवदत्त पडिक्कल ने 44 रन और केएल राहुल ने 35 रन बनाए. इन तीन बल्लेबाजों के अलावा दूसरी पारी में कोई और भारतीय बल्लेबाज दहाई के आंकड़े को छू भी नहीं पाया.
तेज गेंदबाजों ने पहुंचाया भारत को नुकसान
भारत की दूसरी पारी में श्रीलंकाई गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन रहा. दिलचस्प बात यह है कि तेज गेंदबाजों ने सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया, जबकि उम्मीद यह थी कि इन हालात में स्पिनर हावी रहेंगे. असिथा फर्नांडो और लाहिरू कुमारा ने दूसरे सेशन में कमाल किया. उन्होंने लगातार शॉर्ट गेंदें फेंकीं और दोनों ने मिलकर छह विकेट लिए, जबकि बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या ने 3/43 के आंकड़े के साथ अपना स्पेल खत्म किया.
178 रनों की बढ़त लेने के बाद भारत ने तीसरी पारी की दूसरी ही गेंद पर यशस्वी जायसवाल का विकेट गंवा दिया. इसके बाद केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़े, लेकिन फिर भारत ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाने शुरू कर दिए. मिडिल ऑर्डर में ऋषभ पंत ही एकमात्र ऐसे भारतीय बल्लेबाज थे,जिन्होंने अहम योगदान दिया, और उन्होंने अपने खास अंदाज में खेलते हुए 69 गेंदों पर 66 रन बनाए. आखिरी छह बल्लेबाज मिलकर सिर्फ 34 रन ही बना सके और भारत की पूरी टीम 193 रनों पर ऑल आउट हो गई.
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