श्रीलंका के ख‍िलाफ टेस्ट सीरीज के बाद टीम इंडिया के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव! इन लोगों की हो सकती है छुट्टी

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भारतीय ख‍िलाड़‍ियों की चोटों का जायजा लिया जाएगा. (PC: Getty)
भारतीय ख‍िलाड़‍ियों की चोटों का जायजा लिया जाएगा. (PC: Getty)

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भारतीय ख‍िलाड़‍ियों की चोटों का जायजा लिया जाएगा.

फिजियोथेरेपिस्ट कमलेश जैन के बारे में फीडबैक‍ दी जाएगी.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) आने वाले कुछ सप्ताह में भारतीय टीम के खिलाड़ियों की चोटों से जुड़ी चिंताओं का जायजा लेगा. जिसके बाद सपोर्ट स्टाफ में बदलाव देखने को मिल सकते हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार मौजूदा टीम मैनेजमेंट फिजियोथेरेपिस्ट कमलेश जैन के बारे में फीडबैक देगा, जो 2022 में नितिन पटेल की जगह लेने के बाद से टीम के साथ हैं. पिछले कुछ महीनों में भारत को खिलाड़ियों की चोटों और बार-बार चोटिल होने की समस्याओं का सामना करना पड़ा है और जसप्रीत बुमराह इस बढ़ती लिस्ट में नया नाम हैं.

कप्तान और कोच नाखुश


हाल में इंग्लैंड में हुई व्हाइट-बॉल सीरीज के दौरान इस मुद्दे पर कई बार बातचीत हुई और कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर दोनों ही खिलाड़ियों के बार-बार चोटिल होने या अनफिट होने से नाखुश हैं. कप्तान और कोच दोनों के लिए ही यह समय निराशाजनक रहा है, क्योंकि खिलाड़ियों की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें अपनी पहली पसंद वाली टीम के बिना खेलना पड़ा है. 

हेड फिज‍ियोथेरेपिस्ट पर सवाल


चोट की बार-बार होने वाली समस्याओं को लेकर CoE और हेड फिज‍ियोथेरेपिस्ट कमलेश पर कई सवाल उठाए गए हैं. कई सीनियर खिलाड़ी BCCI सेटअप के बाहर के विशेषज्ञों से राय ले रहे हैं और कुछ को तो पूर्व स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच सोहम देसाई से एड्रियन ले रूक्स तक का बदलाव भी ठीक नहीं लगा.सोर्स का कहना है कि हेड फिजियो कमलेश जैन की भूमिका और CoE के विशेषज्ञों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.चोट की ये समस्याएं ठीक नहीं हैं, क्योंकि कप्तान और कोच दोनों को ही लगातार पूरी मजबूती वाली प्लेइंग XI उतारने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है.जब 15 खिलाड़ियों की टीम भी उनकी पहली पसंद नहीं होती, तो सही प्लेइंग कॉम्बिनेशन के बारे में कैसे सोचा जा सकता है?

सपोर्ट स्टाफ और CoE का काम

सोर्स का कहना है कि हर जगह के लिए इतना ज़्यादा कॉम्पिटिशन है कि खिलाड़ी से अपने शरीर पर ज़ोर डालने की उम्मीद की जाती है. यहीं पर सपोर्ट स्टाफ और CoE को आगे आने की जरूरत है.उन्हें चेतावनी देनी चाहिए और खिलाड़ियों को जल्दबाजी में वापस मैदान पर नहीं उतारना चाहिए.स्थिति अब थोड़ी शर्मनाक होती जा रही है और हर संबंधित व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.