भारत के सीनियर स्पिनर रवींद्र जडेजा का डिसीजन रिव्यू सिस्टम (डीआरएस) में काफी खराब रिकॉर्ड सामने आया है. पिछले तीन साल में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 22 बार अंपायर के फैसले को चुनौती दी है और हर बार उनका फैसला गलत साबित हुआ. रवींद्र जडेजा का डीआरएस रिकॉर्ड श्रीलंका के साथ कोलंबो टेस्ट के दौरान रिव्यू लेने के बाद सामने आया. उन्होंने केशारा नुवांता के खिलाफ एलबीडब्लू की अपील की थी जिसे अंपायर ने खारिज कर दिया था. लेकिन जडेजा ने कप्तान शुभमन गिल को रिव्यू के लिए मना लिया. लेकिन गेंद बल्ले से लगने के बाद पैड से टकराई थी. ऐसे में रिव्यू खराब हो गया.
जडेजा का टेस्ट क्रिकेट में जुलाई 2023 में आखिरी बार रिव्यू लेना सही रहा था. तब उन्होंने डोमिनिका में वेस्ट इंडीज के खिलाफ मुकाबले में केमार रोच को आउट नहीं देने पर डीआरएस के लिए कहा था. रॉड टकर के फैसले को उन्होंने चुनौती दी थी. रिव्यू में मैदानी अंपायर के फैसले को बदला गया. रोच विकेटों के सामने पाए गए और थर्ड अंपायर ने रिप्ले देखने के बाद जडेजा व भारत के पक्ष में फैसला दिया. इसके बाद से जडेजा को डीआरएस सही होने का इंतजार है.
जडेजा के आखिरी 22 DRS में से 4 पर ही रही अंपायर्स कॉल
जडेजा ने रोच को आउट करने के बाद से टेस्ट में बतौर गेंदबाज 22 बार डीआरएस लिए हैं और सभी गलत साबित हुए. इनमें से केवल चार में ही अंपायर्स कॉल रही. यानी फैसला फिफ्टी-फिफ्टी रहा था. बाकी के 18 डीआरएस में तो रिव्यू लेना पूरी तरह से गलत था. ये डीआरएस ज्यादातर मौकों पर एलबीडब्ल्यू के लिए ही लिए गए थे.
जडेजा ने जुलाई 2023 में अपने आखिरी सही डीआरएस के बाद से कुल 82 विकेट टेस्ट क्रिकेट में लिए हैं.




