टीम इंडिया को फॉलोऑन देना पड़ गया भारी? शुभमन गिल ने टेस्ट ड्रॉ होने के बाद बताई सच्चाई

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India's captain Shubman Gill looks on during the fourth day of the first Test against Sri Lanka at the Galle International Stadium in Galle on August 18, 2026.
India's captain Shubman Gill looks on during the fourth day of the first Test against Sri Lanka at the Galle International Stadium in Galle on August 18, 2026.

Story Highlights:

श्रीलंकाई ने दूसरी पारी में 429 रन बना लिए और उसके सभी विकेट भी नहीं गिरे.

सोनल दिनुशा के शतक और निचले क्रम के बल्लेबाजों के बूते श्रीलंका ने भारत के जीत के अरमानों पर पानी फेर दिया.

भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में फॉलोऑन देने के फैसले का बचाव किया है. उनका कहना है कि इसकी वजह से टीम के हाथ से जीत नहीं फिसली है. भारत ने श्रीलंका को 290 पर आउट करने के बाद फॉलोऑन दिया था. मेजबान टीम फॉलोऑन के आंकड़े से 13 रन पहले आउट हो गई थी. इसके बाद भारत ने 229 पर छह विकेट ले लिए थे. मगर आखिरी दिन सोनल दिनुशा के शतक और निचले क्रम के बल्लेबाजों के बूते श्रीलंका ने भारत के जीत के अरमानों पर पानी फेर दिया.

श्रीलंकाई ने दूसरी पारी में 429 रन बना लिए और उसके सभी विकेट भी नहीं गिरे. इससे मैच ड्रॉ हो गया. शुभमन ने फॉलोऑन के फैसले को लेकर कहा कि मौसम और कंडीशन को देखते हुए फैसला किया गया था. उन्होंने कहा, 'मैं नहीं कहूंगा कि यह भारी पड़ गया. हम लोग चौथे या पांचवें दिन के मौसम को देख रहे थे कि क्या वे हो पाएंगे या नहीं. हम मौका बनाना चाहते थे. क्या हमें चौथे दिन बैटिंग करनी चाहिए और 200 रन बनाकर 400 का लक्ष्य देना चाहिए? या फिर उन्हें फॉलोऑन देना चाहिए? यही सोच रहे थे.'

शुभमन गिल बोले- कुछ चीजें हमारे पक्ष में नहीं गई

 
शुभमन ने कहा कि टीम की स्थिति और जरूरत को देखते फैसला टीम के हित में लिया गया. उन्होंने कहा, 'अगर हमने फॉलोऑन नहीं दिया होता और बारिश हो जाती तो आप पूछ रहे होते कि हमने फॉलोऑन क्यों नहीं दिया. लेकिन उस हालात में सबसे अच्छा फैसला करना होता है. इसलिए मुझे नहीं लगता कि फॉलोऑन देना भारी पड़ा. उन्होंने काफी अच्छा खेल दिखाया. कुछ चीजें हमारे पक्ष में नहीं गईं. जैसा कि मैंने कहा कि जब आप भारत या किसी दूसरे टर्निंग विकेट पर खेलते हैं तो खेल में तीनों तरह के आउट होने के तरीके-विकेट के पीछे कैच, एलबीडब्ल्यू और बोल्ड- रहते हैं. बहुत सारी एलबीडब्ल्यू की अपील हुई और वह हमारे पक्ष में नहीं गईं. इसलिए हमें योजना बदलनी पड़ी.'

भारतीय गेंदबाज कोलंबो टेस्ट के आखिरी दिन तीन ही विकेट ले सके. श्रीलंका के निचले क्रम के बल्लेबाजों जैसे केशारा नुवांता, लाहिरु कुमारा और असिता फर्नान्डो ने 200 से ज्यादा गेंदों का सामना किया. इससे श्रीलंकाई टीम मैच बचाने में सफल रही.