भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में चल रहे दूसरे टेस्ट के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने तीसरे खिलाड़ी को सजा दी. उसने दूसरे दिन के खेल में आउट होने के बाद नाराजगी जाहिर करने पर श्रीलंकाई स्पिनर प्रबाथ जयसूर्या को सजा दी. आईसीसी ने इस खिलाड़ी को फटकार लगाने के साथ ही एक डिमेरिट पॉइंट दिया है. जयसूर्या ने मानव सुथार की गेंद पर आउट दिए जाने के बाद ड्रेसिंग रूम जाते हुए बाउंड्री रॉप्स को बल्ले से बिखेरा था.
आईसीसी ने जयसूर्या को खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ से जुड़ी आचार संहिता की धारा 2.2 का दोषी पाया. यह धारा इंटरनेशनल मैचों में क्रिकेट उपकरणों या कपड़ों, मैदानी सामान को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी है. जयसूर्या को 24 महीनों में यह पहला अपराध था. इस वजह से उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट आया. मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने उन्हें सजा दी. जयसूर्या ने गलती मान ली जिसके बाद आधिकारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी.
कैसे आउट हुए थे प्रबाथ जयसूर्या
जयसूर्या दूसरे दिन के खेल में नाइट वॉचमैन के तौर पर बैटिंग के लिए गए. उन्होंने सात गेंद खेली थी और दो रन बनाए. सुथार की गेंद पर अंपायर अहसान रजा ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट दिया था. अंपायर ने काफी देर इंतजार करने के बाद अंगुली उठाई थी. डीआरएस में सामने आया था कि गेंद लेग स्टंप को छूकर जा रही थी और अंपायर्स कॉल पर जयसूर्या आउट हुए.
जायसवाल-फर्नान्डो को भी मिली थी सजा
जयसूर्या से पहले इसी टेस्ट के पहले दिन के खेल में असिता फर्नान्डो और यशस्वी जायसवाल भिड़ गए थे. दोनों के बीच पहले जुबानी जंग हुई फिर शारीरिक टकराव भी हुआ. इसके बाद आईसीसी ने दोनों पर 25-25 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगाया. साथ ही एक-एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया. हालांकि इस सजा पर सवाल उठे हैं. कहा जा रहा है कि आईसीसी ने नरमी बरती. वीडियो फुटेज में दिखा था कि जायसवाल ने कुछ कहे जाने पर करीब जाकर श्रीलंकाई गेंदबाज के सिर से अपना हेलमेट टकराया था. ऐसे में उन्हें ज्यादा सजा मिलनी चाहिए थी.




