इंग्लैंड और आयरलैंड के निराशाजनक दौरे के बाद भारतीय टीम अब तीन मैचों की टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे का सामना करेगी और इस सीरीज के आगाज से पहले भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने साफ कर दिया है कि वह नहीं चाहते कि उनके खिलाड़ी ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ T20I सीरीज में हार का डर मन में रखें. भारतीय कप्तान ने कहा कि खिलाड़ियों को इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि ड्रेसिंग रूम के बाहर लोग क्या कह रहे हैं, बल्कि उन्हें खुलकर खेलने पर ध्यान देना चाहिए.
अय्यर पर दबाव
इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे पर भारत के एक भी व्हाइट-बॉल मैच न जीत पाने के बाद अय्यर पर काफ़ी दबाव है. भारत को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की T20I सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और फिर इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में 0-4 से हार मिली थी. उन नतीजों के बावजूद अय्यर का मानना है कि मुश्किल दौर ने टीम को यह समझने में मदद की है कि उसे किन चीजों में सुधार करने की ज़रूरत है. भारत को ज़िम्बाब्वे के ख़िलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज खेलनी है, जिसकी शुरुआत गुरुवार से होगी.
बतौर कप्तान अय्यर का प्रदर्शन
यह जिम्बाब्वे का अय्यर का पहला दौरा है और उन्होंने इस देश में पहले कभी T20I मैच नहीं खेला है. उन्होंने माना कि वहां के हालात के हिसाब से जल्दी ढलना बहुत जरूरी होगा. अगर श्रेयस अय्यर के बतौर कप्तान प्रदर्शन की बात करें तो पिछली दोनों सीरीज में उन्होंने रन बनाए. अय्यर ने सात पारियों में 38.5 की औसत और 152 की स्ट्राइक रेट से 231 रन बनाए. जिसमें दो अर्धशतक शामिल है. हालांकि बतौर कप्तान वह अभी तक एक भी मैच नहीं जीत पाए.




