भारत के लिए समस्या बनती जा रही है चोटिल खिलाड़ियों की बढ़ती लिस्ट, कोच गौतम गंभीर बोले- आलोचना झेल सकता हूं, मगर...

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 बार-बार होने वाली चोटें भारतीय टीम के लिए एक बड़ी समस्या बन गई हैं.(Getty)
बार-बार होने वाली चोटें भारतीय टीम के लिए एक बड़ी समस्या बन गई हैं.(Getty)

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बार-बार होने वाली चोटें भारतीय टीम के लिए एक बड़ी समस्या बन गई हैं.

वरुण चक्रवर्ती, हार्दिक पंड्या और हर्षित राणा चोटों से उबर रहे हैं

भारत ने अफगानिस्तान के ख़िलाफ हाल में हुई तीन मैचों की T20I सीरीज में 3-0 से आसान जीत हासिल की. ​​हालांकि सीरीज से कई अच्छी बातें सामने आईं, लेकिन टीम मैनेजमेंट वरुण चक्रवर्ती की चोट को लेकर खास तौर पर चिंतित होगा. जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ मैच के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट से उबरकर लौटे वरुण चक्रवर्ती को पहले T20I मैच में उस समस्या का सामना करना पड़ा, जिसे BCCI ने पेट के बाईं ओर के हिस्से में अचानक हुई तकलीफ बताया.इसके बाद उन्हें बाकी सीरीज और एशियन गेम्स से बाहर कर दिया गया. 

सबसे अच्छी टीम न मिलना युवा कप्तान के लिए यह सही नहीं

 

न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम टेस्ट सीरीज और 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने माना है कि बार-बार होने वाली चोटें उनकी टीम के लिए एक बड़ी समस्या बन गई हैं. गुरुवार को अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ भारत की 127 रनों की जीत के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर ने कहा कि अगर वह ईमानदारी से जवाब दें, तो हां (यह एक समस्या है).खासकर टेस्ट और वनडे क्रिकेट में, क्योंकि अगला वर्ल्ड कप वनडे फ़ॉर्मेट में होना है और इससे भी जरूरी बात यह है कि एक युवा कप्तान के लिए यह सही नहीं है कि उसे अपनी सबसे अच्छी टीम न मिले, जो लगातार और नियमित रूप से खेलती रहे और सही रास्ते पर आगे बढ़े.

गंभीर ने आगे कहा कि इसलिए मुझे पूरी ईमानदारी से बात करनी होगी.हां एक कोच के तौर पर मैं सारी आलोचनाएं झेल सकता हूं, मगर मेरे लिए यह जरूरी है कि शुभमन को रेड बॉल और व्हाइट बॉल दोनों फ़ॉर्मेट में ज़्यादा से ज़्यादा बार अपनी सबसे अच्छी प्लेइंग-11 टीम मिले. भारत ने तीन मैचों की सीरीज में अफगान‍िस्तान का सूपड़ा कर द‍िया.तीसरा मैच भारत ने बड़े अंतर से जीता.भारत के द‍िए 222 रन के लक्ष्य के जवाब में अफगान टीम 14.1 ओवर में 94 रन पर सिमट गई थी.