भारत ने अफ़गानिस्तान के ख़िलाफ दिल्ली में होने वाली ऐतिहासिक T20I सीरीज के लिए 15 खिलाड़ियों की टीम का ऐलान किया है. हार्दिक पंड्या को छोड़कर सभी बड़े खिलाड़ी टीम में लौट आए हैं. ऐसा माना है कि पंड्या अभी तक पूरी तरह फ़िट नहीं हो पाए हैं और इसलिए प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में वापसी के लिए तैयार नहीं हैं. टीम की घोषणा की एक दिलचस्प बात यह थी कि चुने गए चार खिलाड़ियों के नामों के आगे स्टार का निशान लगा था, जिसका मतलब है कि उनका खेलना 'फ़िटनेस मंज़ूरी' पर निर्भर करेगा.
इंग्लैंड में ODI सीरीज से बाहर हो गए थे हर्षित
घुटने की चोट के कारण पांच महीने तक बाहर रहने वाले राणा ने इस साल की शुरुआत में भारत के आयरलैंड और इंग्लैंड दौरों के दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी की थी. उन्होंने दौरे के सभी पांच T20I मैच खेले, लेकिन फ़िटनेस की समस्या के कारण इंग्लैंड में तीन मैचों की ODI सीरीज से बाहर हो गए और उनकी जगह प्रिंस यादव को टीम में शामिल किया गया.
श्रीलंका दौरे से पहले हो गए थे बाहर
इसी तरह बुमराह ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन में से दो वनडे मैच खेले थे और श्रीलंका में हाल में हुई टेस्ट सीरीज में भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण की कमान संभालने वाले थे. हालांकि दौरे के शुरू होने से पहले ही उन्हें हटा दिया गया और उनकी जगह आकिब नबी को शामिल किया गया. बुमराह की तरह टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज साई सुदर्शन भी श्रीलंका दौरे पर जाने वाले थे, लेकिन समय पर ठीक नहीं हो पाए और बाद में टीम में उनकी जगह सरफ़राज़ खान को शामिल किया गया.
CoE पर सवाल
रेड्डी की जगह सूर्यांश शेडगे ने भारत के लिए डेब्यू किया, जबकि ज़िम्बाब्वे T20I सीरीज के लिए वरुण चक्रवर्ती की जगह रवि बिश्नोई को टीम में शामिल किया गया. लगातार चोटों और आखिरी समय में खिलाड़ियों के हटने की घटनाओं ने BCCI के 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (CoE) पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां भारतीय खिलाड़ी चोटों से उबरने के लिए रिहैबिलिटेशन से गुज़रते हैं.




