श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टी20 टीम इंडिया जहां वेस्ट इंडीज के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में व्यस्त है. वहीं न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया के मैनेजमेंट ने एक बड़ा कदम उठाया. साल 2022 से बाहर चल रहे टीम इंडिया के धाकड़ स्विंग गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार (भुवी) की वापसी हुई है. भुवी की जब चार साल बाद सेलेक्टर अजीत अगरकर के जाते ही वापसी हुई तो शमी को लेकर भी सवाल उठने लगे. सभी फैंस कयास लगाने लगे कि जब 36 साल के भुवी की वापसी हो सकती है तो फिर 36 साल के शमी को क्यों अभी तक बाहर रखा गया है. इन सभी सवालों का जवाब टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने दिया और भुवी की वापसी का कारण भी बताया.
आयरलैंड और इंग्लैंड में कौन-कौन से गेंदबाज थे?
आयरलैंड के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी20 मैचों की सीरीज हुई तो एक मैच बारिश के चलते धुल गया. जबकि इसके अलावा भारत को बाकी मैचों में हार मिली और श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली टी20 टीम इंडिया आयरलैंड व इंग्लैंड के दौरे पर सात मैचों में एक भी जीते बिना वापस आ गई. अब भविष्य में ऐसा कुछ भी ना हो, इसके लिए टीम इंडिया के मैनेजमेंट ने न्यूजीलैंड दौरे से पहले भुवनेश्वर कुमार को शामिल किया है.
टीम इंडिया का मैनेजमेंट अब नहीं चाहता कि बुमराह के नहीं होने पर बिना किसी सीनियर तेज गेंदबाज के टीम इंडिया के युवा तेज गेंदबाज खेलते नजर आएं. यही कारण है कि अनुभवी भुवनेश्वर कुमार को चार साल बाद टी20 टीम इंडिया में बुलाया गया है. जिसे कोच सितांशु कोटक ने बताया है.
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भुवनेश्वर को शामिल करने का जानें असली कारण?
वेस्ट इंडीज के खिलाफ दूसरे टी20 मैच से पहले भुवनेश्वर कुमार को लेकर टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा,
ऐसे में शमी को लेकर सितांशु कोटक ने आगे कहा कि सबसे पहली बात तो मैं कोई सेलेक्टर नहीं हूं. इसलिए ये बताना मुश्किल होगा कि वो सेलेक्ट होंगे या नहीं. लेकिन शमी भी बढ़िया कर रहे हैं और अगर सेलेक्टर्स को ऐसा महसूस होता है तो शमी के लिए दरवाजे खुल जाएंगे. क्योंकि टीम को अगर किसी खिलाड़ी की जरूरत होगी तो उसको कभी भी सेलेक्ट किया जा सकता है.
मोहम्मद शमी कब से हैं बाहर?
मोहम्मद शमी की बात करें तो वह वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल के बाद इंजरी के चलते टीम इंडिया से करीब दो साल तक बाहर रहे. शमी ने तमाम चोटों से उबरने के बाद साल 2025 में वापसी की और 2025 में टीम इंडिया जब आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीती तो शमी भी वनडे टीम इंडिया का हिस्सा थे. लेकिन इसके बाद फिर शमी बाहर हो गए और अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली टीम इंडिया की चयन समिति ने युवा तेज गेंदबाजों का पूल वर्ल्ड कप 2027 के लिए बनाने पर जोर दिया. यही कारण है कि साल 2025 में बाहर होने के बाद से शमी लगातार घरेलू क्रिकेट खेलकर अपनी फिटनेस को साबित कर चुके हैं, मगर उनकी टीम इंडिया में वापसी नहीं हो रही है. शमी अभी तक 64 टेस्ट में 229 विकेट, 108 वनडे में 206 विकेट और 25 टी20 में उनके नाम 27 विकेट शामिल हैं.
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