भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को पहले वनडे मुकाबले में चार विकेट से हराकर तीन मैच की सीरीज में 1-0 से बढ़त ले ली है. जीत के लिए मिले 172 रन के लक्ष्य को टीम इंडिया ने छह विकेट गंवाकर 38 ओवर में हासिल किया. पूजा वस्त्राकर ने छक्का लगाकर मैच खत्म किया. उन्होंने 19 गेंद में दो छक्कों से नाबाद 21 और दीप्ति शर्मा 41 गेंद में 22 रन बनाकर नाबाद रही. भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 44, सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने 35 और हरलीन देओल ने 34 रन का योगदान दिया. श्रीलंका के लिए इनोका रानावीरा ने चार और ओशादी रनासिंघे ने दो विकेट लिए.
इससे पहले श्रीलंकाई पारी नीलाक्षी डिसिल्वा के 43 रन के बावजूद 171 रन पर सिमट गई. टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई. भारत की तरफ से रेणुका सिंह और दीप्ति शर्मा तीन-तीन विकेट लिए. पूजा वस्त्राकर ने दो और कप्तान हरमनप्रीत कौर व अनुभवी स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने एक-एक विकेट चटकाए.
टीम इंडिया की बैटिंग का हाल
हरमनप्रीत ने इसके बाद हरलीन के साथ चौथे विकेट के लिए 62 रन की साझेदारी कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. दोनों ने संभल कर खेलते हुए कुछ आकर्षक शॉट लगाये. रनावीरा ने हालांकि पारी के 26वें, 28वें और 30वें ओवर में क्रमश: हरमनप्रीत, हरलीन और ऋचा घोष (छह रन) का विकेट चटका कर भारतीय टीम पर दबाव बना दिया. दीप्ति और पूजा ने इसके बाद कोई और नुकसान नहीं होने दिया. पूजा ने 38वें ओवर में रनासिंघे के खिलाफ दो छक्के लगाकर टीम को जीत दिला दी.
ऐसी रही श्रीलंकाई पारी
टॉस गंवाने के बाद क्षेत्ररक्षण का न्योता मिलने के बाद रेणुका ने तीसरे ओवर में ही विरोधी टीम की कप्तान चामरी अट्टापट्टू (दो रन) को सस्ते में पवेलियन की रास्ता दिखाकर भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई. दीप्ति ने इसके बाद हंसिमा करुणारत्ने को खाता खोले बगैर चलता किया. सलामी बल्लेबाज हसिनी और हर्षिता मडावी (28) ने तीसरे विकेट के लिए 34 रन की साझेदारी कर टीम की वापसी करने की कोशिश की. दीप्ति ने 54 गेंद की पारी में पांच चौके लगाने वाली हसिनी को आउट किया जिसके बाद हरमनप्रीत ने कविशा दिलहारी को खाता खोलने का मौका नहीं दिया.
पारी के 19वें ओवर में 65 रन पर आधी टीम के पवेलियन लौटने के बाद श्रीलंका की टीम मुश्किल में थी लेकिन नीलाक्षी ने एक छोर संभालते हुए स्कोर को 140 के पार पहुंचाया. उन्हें विकेटकीपर अनुष्का संजीवनी (18) का अच्छा साथ मिला और दोनों ने छठे विकेट के लिए 47 जोड़े. टीम की पुछल्ले बल्लेबाजों ने इसके बाद संघर्ष कर स्कोर को 170 रन के पार पहुंचाया.




