CSK में रहते हुए इन खिलाड़ियों को नहीं मिला चमकने का मौका, एक बाहर निकलने पर बना सफल कप्तान, दूसरा IPL 2025 में मचा रहा धमाल
चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल की सबसे कामयाब टीमों में से एक है. इस फ्रेंचाइज ने पांच बार खिताब जीता है और सबसे ज्यादा नौ बार फाइनल खेला है.

चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल की सबसे कामयाब टीमों में से एक है. इस फ्रेंचाइज ने पांच बार खिताब जीता है और सबसे ज्यादा नौ बार फाइनल खेला है. लेकिन इस टीम के सात एक शिकायत रही है कि यहां नए चेहरों को बहुत कम मौके मिले हैं. ऐसा लगातार देखा गया है. अब जानते हैं कौनसे ऐसे बड़े खिलाड़ी हैं जो यहां मौका पाने के लिए तरसते रह गए.

ऑस्ट्रेलिया के जॉर्ज बैली का नाम सबसे ऊपर आता है. उन्हें 2009 और 2010 में केवल दो आईपीएल सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स में खेलने का मौका मिला. इस दौरान बैली केवल चार मैच खेल पाए. इनमें कुल 63 रन बनाए. वे 2014 में पंजाब किंग्स में शामिल हुए और वहां पर कप्तान बने. उनके नेतृत्व में इस टीम ने पहली और इकलौती बार आईपीएल फाइनल खेला.

तमिलनाडु से आने वाले बाबा अपराजित 2013 में पहली बार सीएसके का हिस्सा बने. 2014 में उन्हें इस फ्रेंचाइज ने 10 लाख रुपये की बेस प्राइस पर फिर से लिया लेकिन एक भी मैच नहीं खिलाया. 2016 में जब सीएसके बैन थी तब अपराजित को धोनी की कप्तानी वाली राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स ने लिया लेकिन पूरे सीजन बैठे ही रहे. इसके अलावा वे कभी किसी आईपीएल टीम का हिस्सा नहीं बने.

तमिलनाडु से आने वाले एन जगदीशन कुछ सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स में शामिल रहे. उन्हें 2020 में पांच और 2021 में दो मैच खेलने को मिले. लेकिन वे कुछ खास नहीं कर सके. इसके बाद वे सीएसके से बाहर हो गए. उन्हें आईपीएल 2023 में कोलकाता नाइट राइडर्स में छह मुकाबले खेलने को मिले.

बाएं हाथ के फिरकी बॉलर आर साई किशोर को चेन्नई सुपर किंग्स ने 2020 में शामिल किया था. लेकिन किसी मैच में नहीं खिलाया. साई किशोर इससे पहले सीएसके के नेट बॉलर भी थे. अभी यह गेंदबाज गुजरात टाइटंस में है और आईपीएल 2025 में कमाल कर रहा है.

ऑलराउंडर विजय शंकर 2014 में सबसे पहले सीएसके से जुड़े. तब एक मैच खेल सके. इसके बाद दो सीजन के लिए चेन्नई पर बैन लग गया. अब आईपीएल 2025 से विजय शंकर फिर से सीएसके में शामिल हुए हैं. इस बीच वे सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस के लिए खेल चुके हैं. साथ ही भारतीय टीम का हिस्सा भी बने.

दिल्ली से आने वाले ध्रुव शौरी 2018 से 2020 के बीच में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ थे. इस दौरान 2018 व 2019 में उन्हें एक-एक मैच खेलने को मिले. इनमें वे कुल 13 रन जुटा सके. बाद में यहां से रिलीज कर दिए गए और अभी आईपीएल से बाहर हैं.

भारतीय टीम के पूर्व ओपनर अभिनव मुकुंद 2008 के पहले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स में थे. तब उन्हें दो मैच में खिलाया गया. इनमें से एक में उनकी बैटिंग आई जिसमें कोई रन नहीं बना. इसके बाद वे चेन्नई के साथ रहे मगर कभी खेल नहीं पाए.