BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने IPL के दौरान टीम के डग-आउट में बिना इजाजत लोगों की मौजूदगी और कुछ दूसरी ऐसी गड़बड़ियों की ओर इशारा किया है, जिनके बारे में आम लोगों को जानकारी नहीं है. इस जानकारी के आधार पर बीसीसीआई ने सभी टीमों को एक एडवाइजरी भेजी है और इस सप्ताह के आखिर में सभी फ्रेंचाइज के CEO की एक मीटिंग बुलाई है, ताकि उन्हें तय प्रोटोकॉल की याद दिलाई जा सके. साथ ही उन टीमों और लोगों के ख़िलाफ सही कार्रवाई करने का फैसला भी किया जाएगा, जिन्होंने नियमों का पालन नहीं किया है.
ACU से मिले इनपुट
पूर्व फर्स्ट क्लास खिलाड़ी और वकील ने कहा कि उन्हें ACU से इनपुट मिले थे, जो बहुत सक्रिय, बहुत त्वरित और बहुत पेशेवर थे. उन्होंने आगे कहा कि रिटायर्ड IPS अधिकारी शरद कुमार की अगुआई वाली इस निगरानी संस्था ने उन्हें ऐसी खुफिया जानकारी दी थी, जो भारतीय बोर्ड द्वारा आधिकारिक तौर पर पुष्टि की गई दो घटनाओं से कहीं ज़्यादा थी.
BCCI द्वारा आधिकारिक तौर पर स्वीकार किए गए दोनों मामलों में राजस्थान रॉयल्स शामिल है. पहले मामले में उनके मैनेजर को डगआउट में फ़ोन इस्तेमाल करने के लिए फटकार लगाई गई थी, जो नियमों के विरुद्ध था. इसके बाद टीम के कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम से वेपिंग करते हुए एक वीडियो वायरल हो गया. मैनेजर और कप्तान की बात सुनने के बाद BCCI ने उन पर जुर्माना लगाया था.
वेपिंग की जांच अभी खत्म नहीं हुई है और आगे भी कार्रवाई की उम्मीद है. सैकिया ने कहा कि वेपिंग की घटना में और कार्रवाई कर सकते हैं, क्योंकि यह मामला अभी भी खुला है. उन्होंने कहा कि वो चुप नहीं बैठे हैं. वो चाहते हैं कि सबको पता चल जाए कि IPL या BCCI के किसी भी मैच में इस तरह की चीज़ें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी.

