चेन्नई सुपर किंग्स आईपीएल 2026 से बाहर हो गई है. इस सीजन पांच बार की चैंपियन का प्रदर्शन काफी उतार चढ़ाव वाला रहा. 14 में से चेन्नई सिर्फ छह मैच ही जीत पाई, जबकि आठ मुकाबले गंवा दिए. इस पूरे अभियान की चेन्नई की फील्डिंग औसत दर्जे से भी काफी नीचे रही, जो इस खराब सीजन की एक वजह बनी. बीते दिन गुजरात टाइटंस के हाथों आईपीएल इतिहास की अपनी सबसे बड़ी हार झेलने वाली चेन्नई के गेंदबाजी कोच एरिक सिमंस ने भी स्वीकार किया कि उनकी टीम की फील्डिंग अच्छी नहीं रही जबकि इस विभाग में कड़ी मेहनत की गई थी.
फील्डिंग कोच करेंगे फैसला
सिमंस ने कहा कि टीम इससे सीख लेकर कैसे आगे बढ़ती है इसका फैसला फील्डिंग कोच करेंगे, लेकिन टीम ने इस साल अपनी फील्डिंग पर काफी मेहनत की. सुधार की गुंजाइश हमेशा रहती है, लेकिन फिर भी वह कुछ शानदार कैच लेते हैं और फिर कुछ आसान कैच छोड़ देते हैं जिससे हैरानी होती है. सिमंस ने कहा कि इस सीजन में सीएसके के लिए सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू टीम के अंदर संतुलन और व्यक्तिगत भूमिकाओं के बारे में बढ़ती समझ रहा. उनका कहना है कि एक टीम के रूप में उन सभी ने खुद को समझना शुरू कर दिया है.
उन्हें लगता है कि आईपीएल जीतने के लिए यह अहम है कि आप अपना संतुलन सही रखें, आपके पास एक ऐसी टीम हो जो खुद को संभाल सके और आपके बदलाव मैच से काफी पहले किए जाएं. सिमंस ने कहा कि उन्हें यह भी पता है कि इस टूर्नामेंट से उन्होंने एक इकाई के रूप में खुद को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली है. यह उनके लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा.

