7 सीजन, 8 साल, 14 कोशिशों के बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने हासिल किया 180 प्लस का टारगेट, जानिए कब-किससे हारे

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चेन्नई सुपर किंग्स ने 5 बार आईपीएल ट्रॉफी जीती है. (Photo: CSK)
चेन्नई सुपर किंग्स ने 5 बार आईपीएल ट्रॉफी जीती है. (Photo: CSK)

Story Highlights:

चेन्नई को पिछले सात सीजन में सबसे ज्यादा आरसीबी ने चार बार 180 प्लस के लक्ष्य दिए.

चेन्नई ने लखनऊ को हराने से पहले आखिरी बार 180 प्लस 2018 में RCB के सामने चेज किए थे.

चेन्नई सुपर किंग्स ने आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स को हराकर सीजन की अपनी छठी जीत दर्ज की. उसने चेन्नई में खेले गए मुकाबले को पांच विकेट से जीता. उसके सामने 204 रन का लक्ष्य था और चार गेंद बाकी रहते पांच बार की आईपीएल विजेता टीम जीत गई. इस नतीजे के साथ चेन्नई सुपर किंग्स ने 2018 के बाद पहली बार 180 प्लस का लक्ष्य हासिल किया. लखनऊ को हराने से पहले आखिरी बार इस टीम ने इतना बड़ा टारगेट 25 अप्रैल 2018 को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सामने हासिल किया था. तब उसके सामने 206 रन का टारगेट था. 

इसके बाद चेन्नई को 14 बार 180 या इससे ज्यादा का टारगेट मिला और हर बार शिकस्त नसीब हुई. सीएसके को 2018 में बेंगलुरु पर जीत के बाद कोई 180 प्लस का लक्ष्य नहीं मिला. 2019, 2021 में एक बार भी इतना बड़ा टारगेट उसके सामने नहीं था. 2020 में एक, 2022 में दो, 2023 में एक, 2024 में तीन, 2025 में पांच और 2026 में तीन बार ऐसे लक्ष्य मिले. दिलचस्प बात रही कि 2018 के बाद से 180 प्लस का लक्ष्य हासिल न करने के बाद भी यह टीम दो बार 2021 व 2023 में खिताब जीतने में सफल रही. 2019 में उसने फाइनल तक का सफर तय किया जहां एक रन से हार मिली. 

चेन्नई के सामने पिछले 7 सीजन में सर्वाधिक बार किसने रखे 180 प्लस के टारगेट

 

चेन्नई को पिछले सात सीजन में सबसे ज्यादा आरसीबी ने चार बार 180 प्लस के लक्ष्य दिए. राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स से तीन-तीन, दिल्ली कैपिटल्स से दो, सनराइजर्स हैदराबाद, गुजरात टाइटंस और लखनऊ सुपर जायंट्स से एक बार ऐसा टारगेट मिला. इनमें से 3 मई को 2025 को आरसीबी से मिले टारगेट के सबसे पास चेन्नई पहुंची थी. बेंगलुरु में हुए मैच में उसे जीत के लिए 214 रन बनाने थे और सीएसके 211 तक पहुंच गई थी. दो रन से उसे हार मिली थी.

सीएसके को आईपीएल 2023 के फाइनल में भी बड़ा लक्ष्य मिला था. तब गुजरात ने उसके 215 रन का लक्ष्य रखा लेकिन बारिश के चलते यह टारगेट बदलकर 15 ओवर में 171 रन हो गया था. इसे चेन्नई ने आखिरी गेंद पर हासिल कर पांचवीं बार खिताब जीता था.