आईपीएल 2026 में नाकामी के बाद से चेन्नई सुपर किंग्स को लेकर दो सवाल लगातार उठ रहे हैं. एक, क्या एमएस धोनी आईपीएल 2027 में खेलेंगे? दो, क्या स्टीफन फ्लेमिंग को सीएसके कोच पद से हटाया जाएगा? इन दोनों सवालों को लेकर एक रिपोर्ट में रोचक खुलासा हुआ है. इसमें कहा गया है कि सारा मामला धोनी की वजह से ही अटका हुआ है. कोचिंग स्टाफ में बदलाव का फैसला धोनी के फ्यूचर से ही जुड़ा हुआ है. यह सुपरस्टार खिलाड़ी चोट की वजह से आईपीएल 2026 में एक भी मैच नहीं खेल सका. सीएसके लगातार तीसरे सीजन बिना प्लेऑफ में पहुंचे बाहर हो गई.
दी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले साल एक भारतीय कोच जिनका चेन्नई सुपर किंग्स से नाता रहा है उन्होंने इस टीम का कोच बनने की कोशिश की थी. लेकिन मैनेजमेंट ने उनसे रुकने को कहा और फ्लेमिंग पद पर बने रहे. पिछले सीजन सीएसके अंक तालिका में सबसे नीचे रही थी. यह उसके पहली पहली बार हुआ था. इस सीजन यह टीम अभी तक सातवें पायदान पर है. 2023 में खिताब जीतने के बाद 2024 में जब ऋतुराज गायकवाड़ कप्तान बने थे तब टीम नेट रन रेट में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु से पीछे रहते हुए प्लेऑफ में जाने से चूक गई थी.
धोनी की वजह से कोच बनने से दूरी बरत रहे खिलाड़ी!
दी इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक उम्मीदवार सीएसके का कोच बनना चाहता है लेकिन धोनी के टीम के साथ रहने तक वह इस पद पर नहीं आना चाहता. अगर धोनी हट जाते हैं या रिटायर होते हैं तब ही वह कोचिंग के लिए दावा पेश करेगा. फ्लेमिंग 2009 में सीएसके के हेड कोच बने थे. वे इससे पिछले सीजन में खिलाड़ी के रूप में इस टीम के साथ थे. फ्लेमिंग ने आईपीएल 2026 के बाद सीएसके के साथ रहने के सवाल पर कहा था कि इसका फैसला मैनेजमेंट को करना है. अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है.
जुलाई 2026 के बाद फ्लेमिंग पर फैसला
कहा जा रहा है कि जुलाई 2026 में मेजर लीग क्रिकेट (एमएलसी) के बाद फ्लेमिंग के सीएसके के साथ भविष्य पर फैसला किया जा सकता है. वे एमएलसी में सुपर किंग्स फ्रेंचाइज की टीम टैक्सस सुपर किंग्स के भी हेड कोच हैं. अभी तक यह टीम भी खिताब नहीं जीत सकी है. इसने एक बार फाइनल खेला है.

