आईपीएल के आगाज से ही देखा गया है कि अनजाने खिलाड़ियों को इस लीग में खेलने का मौका मिला है. कई खिलाड़ी यहां पर खेलने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखने में सफल रहे तो कई ऐसे नाम भी हैं जो यहां खेलने के बाद अपने देश की टीमों में वापसी करने में सफल रहे. 2008 से लेकर 2025 तक के सीजन के दौरान लगातार ऐसा देखा गया है. आईपीएल में चमक-दमक काफी है और इसकी कई बार आलोचना होती है. लेकिन इस लीग ने कई खिलाड़ियों को उनके हुनर के बूते गरीबी से मिलकर स्टार, सुपरस्टार बनने में मदद की है. जानिए कौन-कौनसे ऐसे खिलाड़ी हैं जो आईपीएल के चलते सामान्य पृष्ठभूमि से आकर दौलत-शोहरत हासिल करने में सफल रहे.
चेतन साकरिया
गुजरात से आने वाला यह तेज गेंदबाज आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलकर सुर्खियों में आया था. उनके पास बचपन में खेलने के जूते और बाकी सामान नहीं होता था. सौराष्ट्र के लिए खेलने वाले शेल्डन जैक्सन ने उन्हें जूते दिलाए थे. चेतन साकरिया के पिता सामान ढोने वाला टेम्पो चलाया करते थे. 2020 तक उनके घर पर टीवी नहीं था. राजस्थान रॉयल्स ने इस गेंदबाज को 1.20 करोड़ रुपये में लिया था. कुछ महीनों बाद उनके पिता की कोविड-19 के चलते मौत हो गई. वहीं उनके भाई ने सुसाइड कर ली थी. इन दुखों के बीच साकरिया ने पहले सीजन में राजस्थान के लिए अच्छा खेल दिखाया था. उन्होंने 14 मैच में 14 विकेट लिए थे. इसके बाद वे दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों में भी रहे.
टी नटराजन
तमिलनाडु से आने वाले इस पेसर की कहानी आईपीएल की सबसे यादगार कहानियों में से एक है. वे तमिलनाडु प्रीमियर लीग के जरिए सुर्खियों में आए थे. इसके बाद उन्हें 2017 में किंग्स इलेवन पंजाब ने तीन करोड़ रुपये में लिया था. फिर सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा बने और यहां खेलते हुए काफी नाम कमाया. अभी वे दिल्ली कैपिटल्स का हिस्सा हैं. नटराजन का परिवार सड़क किनारे इडली-डोसा बनाकर पेट पालता था.
रिंकू सिंह
उत्तर प्रदेश से आने वाला बल्लेबाज 2018 में आईपीएल का हिस्सा बना थे. रिंकू सिंह को कोलकाता नाइट राइडर्स ने लिया था. उनका सफर 80 लाख रुपये से शुरू हुआ था जो अब 13 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है. साथ ही वे इस टीम की ओर से खेलते हुए भारतीय टीम का हिस्सा भी बन गए. रिंकू के पिता खानचंद गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम किया करते थे. रिंकू को भी शुरुआत में झाड़ू-पोछे का काम मिला था. लेकिन उन्होंने क्रिकेट पर ध्यान दिया और कहानी बदल गई.
रॉवमैन पॉवेल
वेस्ट इंडीज के क्रिकेटर रॉवमैन पॉवेल को भी गरीबी से निकलने में आईपीएल का योगदान रहा. वे सिंगल मां की संतान हैं. उनकी मां ने घरों में कपड़े धोकर, बर्तन मांजकर घर चलाया और बेटे का पालन-पोषण किया. पॉवेल को 2017 में केकेआर ने 30 लाख रुपये में लिया था. पिर 2022 में दिल्ली कैपिटल्स ने उनके लिए 2.80 करोड़ रुपये की बोली लगाई. 2024 में राजस्थान रॉयल्स ने इस खिलाड़ी
यशस्वी जायसवाल
उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले यशस्वी क्रिकेट में नाम कमाने के लिए मुंबई गए थे. वहां इस खेल में हाथ आजमाने के साथ ही वे दूसरे काम भी करते. इनमें क्रिकेट मैदान के बाहर गोलगप्पे बेचना भी शामिल था. वे मैदान में ही प्लास्टिक के टेंट में रहते. लेकिन क्रिकेट और आईपीएल उनके लिए आगे बढ़ने में मददगार रहा. जायसवाल को घरेलू क्रिकेट में शानदार खेल के बाद राजस्थान रॉयल्स ने 2020 में 2.40 करोड़ रुपये में लिया था. अभी वे 18 करोड़ रुपये में इसी फ्रेंचाइज के साथ हैं.
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