भारत के पूर्व चयनकर्ता क्रिस श्रीकांत ने हार्दिक पंड्या की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें 'प्लास्टिक कप्तान' कहा. उन्होंने तीन मई को चेपॉक में CSK के खिलाफ हुए मुकाबले के दौरान बल्लेबाजी में हार्दिक पंड्या के इरादों पर भी सवाल उठाए. पंड्या MI के लिए छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए थे, जब टीम ने तिलक वर्मा का विकेट गंवाया और क्रीज पर नमन धीर मौजूद थे, जो अच्छी तरह से जम चुके थे, लेकिन MI के कप्तान को अपनी पारी के दौरान लय पाने में काफी संघर्ष करना पड़ा. उन्होंने 23 गेंदों में 18 रन बनाए, जिसके चलते मेहमान टीम 12.5 ओवरों में 4 विकेट पर 109 रन से आगे बढ़कर पारी के अंत तक 7 विकेट पर 159 रन ही बना सकी.
जरा आंकड़ों पर नजर डालिए, 23 गेंदों में 18 रन. यह क्या है? वह तो एक 'प्लास्टिक कप्तान' है. जरा उस साझेदारी को देखिए, इरादा क्या था? हार्दिक पंड्या आखिर करने क्या चाह रहे थे? अगर आप बीच के ओवरों में 'डॉट गेंदों' की संख्या देखें, तो यह साफ है कि वहां कोई सही हिसाब-किताब या खेल की समझ नहीं थी. उस दौरान रन-रेट बहुत तेज़ी से नीचे गिर गया था.
स्ट्राइक-रेट चिंता का विषय
क्रिस श्रीकांत ने कहा कि लगभग 6वें या 7वें ओवर से उन्होंने करीब 9 रन प्रति ओवर की रफ़्तार से शुरुआत की, लेकिन फिर यह कम हो गई. 7, 7, एक ओवर में 13, फिर 10, फिर 6. उसके बाद, 5, 4, 3, 7, 4. यहीं पर 12वें से 16वें ओवर के बीच उन्होंने मैच पूरी तरह से गंवा दिया. यहां तक कि आखिर में भी जब पंड्या अभी भी बैटिंग कर रहे थे, तब भी सिर्फ 7 रन और 4 रन ही बने.
इस सीज़न में पंड्या का 136.45 का स्ट्राइक-रेट चिंता का विषय रहा है, क्योंकि MI के मिडिल ऑर्डर में आक्रामकता की कमी दिखी है. इसके बावजूद श्रीकांत को हैरानी हुई कि डेथ ओवर्स में CSK के दबाव का सामना करने के लिए MI के कप्तान की क्या योजना थी. उन्हें समझ नहीं आया कि पंड्या क्या करने की कोशिश कर रहे थे. \

