कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2025 में डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर उतरे हैं लेकिन इनका खेल अभी तक बिखरा-बिखरा रहा है. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस के सामने टीम को बुरी हार का सामना करना पड़ा है. वही राजस्थान रॉयल्स को जोरदार तरीके से हराया था. मुंबई के खिलाफ मुकाबले में केकेआर 116 रन पर सिमट गई. इस खेल के बाद टीम के मेंटॉर ड्वेन ब्रावो ने बल्लेबाजों की क्लास लगाई है. उनका कहना है कि सिर्फ आक्रामक खेलना ही क्रिकेट नहीं है. बुनियादी बातों को याद रखना जरूरी है.
केकेआर का अगला मुकाबला 3 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ है. इससे पहले मिडिल ऑर्डर की नाकामी को दूर करना होगा. ब्रावो ने कहा कि बैटिंग केवल बड़े शॉट लगाना ही नहीं है. उन्होंने मैच से पहले मीडिया से बातचीत में कहा, 'हां, जहां तक हमारी बल्लेबाजी की बात है तो हमारे पास आक्रामक बल्लेबाजी है लेकिन सिर्फ यही क्रिकेट नहीं है. टीम और खासकर बल्लेबाजों को मेरा संदेश यह है कि खेल की बुनियादी बातों की अब भी जरूरत है. खेल की समझदारी की अब भी जरूरत है. इन लोगों को खुद को स्थिति के अनुसार खेलना होगा. इसलिए जो मैच हम हारते हैं, वे सब सीखने जैसा है. जब आप क्रिकेट की बात करते हैं तो उन्हें इस बात का सबूत मिलना चाहिए कि हम एक बल्लेबाजी समूह के रूप में क्यों नाकाम हो रहे हैं. अब कोच के रूप में हमारे लिए खेल का विश्लेषण जरूरी है, इसे थोड़ा सरल बनाना और यह भरोसा दिलाना महत्वपूर्ण है कि टी20 में क्रिकेट शॉट भी जरूरी हैं.'
ब्रावो ने हालांकि केकेआर की पॉजीशन को लेकर ज्यादा चिंता नहीं जताई. उन्होंने कहा कि अभी घबराने की जरूरत नहीं है. ब्रावो ने कहा, 'अभी टूर्नामेंट का शुरुआती दौर है. हमारी इकलौती टीम नहीं है जिसे दो हार और एक जीत मिली है. लेकिन हमारे लिए जरूरी है कि वापसी की जाए और अभी इसी बात पर हमारा ध्यान है.'
ब्रावो ने रिंकू-रसेल-रमनदीप का किया बचाव
कोलकाता के लिए अभी तक के तीन मैचों में रिंकू सिंह, वेंकटेश अय्यर, रमनदीप सिंह और आंद्रे रसेल के रन नहीं आए हैं. पिछले सीजन में जब खिताब जीता था तब इनका अहम योगदान रहा था. लेकिन ब्रावो का कहना है कि सिर्फ दो मैचों के आधार पर इन पर फैसला करना सही नहीं है. उन्होंने कहा, 'एक ऐसे टूर्नामेंट में जहां 14 मैच होते हैं, आप सिर्फ दो मैच के आधार पर किसी खिलाड़ी का मूल्यांकन नहीं कर सकते जिसने पिछले कई सालों में सफलता हासिल की है. आईपीएल में आप किसी खिलाड़ी के सभी 14 मैच में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद नहीं कर सकते लेकिन उन्हें मोटिवेट करते रहना और उन्हें याद दिलाना जरूरी है कि वे कितने महान हैं. वे पहले ही आईपीएल में सफल हो चुके हैं. और उन्हें समर्थन देने की जरूरत है.’
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