आईपीएल 2026 की प्लेइंग कंडीशन में कुछ अहम बदलाव किए हैं. इसके तहत डिसीजन रिव्यू सिस्टम, कन्कशन रिप्लेसमेंट, टीम शीट और इनिंग्स टाइमर को लेकर फैसले किए गए. प्लेइंग कंडीशन के अनुसार, आईपीएल 2026 के दौरान डीआरएस रैफरल के दौरान जिस बात को लेकर अपील की गई है उसी की जांच की जाएगी. अंपायर्स खुद से किसी दूसरी चीज की जांच नहीं करेंगे. डीआरएस अपील के मूल हिस्से पर ही ध्यान देगी. इससे इतर की बात तब ही देखी जाएगी जब दूसरी टीम तय समय के अंदर अपील करती है.
उदाहरण के लिए, अगर बॉलिंग करने वाली टीम विकेट के पीछे कैच के लिए डीआरएस लेती है तब अंपायर्स खुद से वाइड चैक नहीं करेंगे. वे केवल यह देखेंगे कि क्या बल्ला गेंद से लगा है या नहीं. वे वाइड को तभी देखेंगे तब बैटिंग टीम इसके लिए अपील करेगी. खबर है कि इस बारे में बीसीसीआई के सामने प्रजेंटेशन दी गई. फिर मैच रेफरी जवागल श्रीनाथ और अंपायर नितिन मेनन ने सभी टीमों के कप्तानों को इस बारे में विस्तार से जानकारी दी.
कन्कशन सब्सटीट्यूट नियम कैसे करेगा काम
कन्कशन सब्सटीट्यूट को लेकर भी प्लेइंग इलेवन में बदलाव किए गए हैं. अगर कोई खिलाड़ी कन्कशन के चलते मैच से बाहर होता है तब टॉस के दौरान बताए गए सब्सटीट्यूट खिलाड़ियों में से किसी एक को चुना जा सकता है. अगर विकेटकीपर कन्कशन के चलते बाहर गया तब उपलब्ध स्क्वॉड में से उसके विकल्प को लिया जा सकता है. अगर कोई विदेशी खिलाड़ी इस कारण से बाहर गया तब टीम नामित भारतीय सब्सटीट्यूट खिलाड़ियों में से किसी को ले सकती है. अगर टीम ने तीन ही विदेशी खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन में लिए हैं तब विदेशी कन्कशन की जगह विदेशी खिलाड़ी आ सकता है.
कप्तान के पास टॉस के समय रहेगी दो टीम शीट
आईपीएल 2026 के दौरान टॉस के बाद टीम शीट एक्सचेंज होगी. कप्तान बैटिंग और बॉलिंग के हिसाब से शीट लेकर जाएंगे. टॉस के नतीजे के हिसाब से वे टीम शीट मैच रेफरी को देंगे. इसी हिसाब से टीम मैनेजर आपस में टीम शीट को एक्सचेंज करेंगे.

