आईपीएल 2026 के लीग स्टेज के 59 मैच हो चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी भी टीम की प्लेऑफ़ में जगह पक्की नहीं हुई है. हालांकि शनिवार को जब कोलकाता नाइट राइडर्स अपने घरेलू मैदान पर गुजरात टाइटंस का सामना करेगी तो यह स्थिति बदल सकती है. लखनऊ सुपर जायंट्स और मुंबई इंडियंस की टीम पहले ही दौड़ से बाहर हो चुकी हैं और अब बाकी आठ टीम टॉप चार में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही है. जानें किस टीम को अब क्या करने की जरूरत है.
गुजरात टाइटंस
गुजरात टाइटंस की टीम अभी लगातार पांच मैच जीत चुकी है और अगर वे शनिवार को KKR के खिलाफ छठा मैच भी जीत जाते हैं, तो वे प्लेऑफ़ में पहुंचने वाली पहली टीम बन सकते हैं. RCB की तरह ही अगर वे अपने दोनों मैच हार जाते हैं, तो वे टूर्नामेंट से बाहर भी हो सकते हैं. 20 पॉइंट्स उन्हें टॉप-2 में जगह पक्की करवा देंगे, जबकि 18 पॉइंट्स उन्हें टॉप-4 में कहीं भी पहुंचा सकती हैं, क्योंकि RCB, RR और SRH में से हर टीम इतने ही पॉइंट्स के साथ टूर्नामेंट खत्म कर सकती है. 18 पॉइंट्स पर चार टीमों के बीच टाई तब हो सकता है, जब गुजरात एक मैच हार जाए, राजस्थान अपने तीनों मैच जीत जाए, RCB, PBKS को हरा दें, लेकिन SRH से हार जाए और SRH, CSK को भी हरा दे. ऐसे में क्वालिफ़ायर 1 में जगह बनाने का फैसला NRR के आधार पर होगा.
सनराइजर्स हैदराबाद
दो जीत SRH के लिए प्लेऑफ़ में जगह पक्की कर देंगी. अगर वे CSK को हरा देते हैं और RCB से हार जाते हैं, तो भी वे सिर्फ पॉइंट्स के आधार पर जगह बना सकते हैं, बशर्ते PBKS और RR में से कोई भी एक से ज़्यादा मैच न जीते. अगर इसका उल्टा होता है और वे CSK से हार जाते हैं और RCB को हरा देते हैं तो ऐसी स्थिति बन सकती है जिसमें कई टीमें 16 पॉइंट्स पर बराबरी पर हो. SRH 14 पॉइंट्स (NRR के बिना) के साथ भी जगह बना सकता है. अगर PBKS और RR कोई मैच न जीतें और KKR कम से कम एक मैच हार जाए, जिससे RCB और GT के साथ-साथ CSK के लिए भी रास्ता खुल जाएगा. 14 पॉइंट्स की बराबरी की स्थिति में NRR का मामला भी बन सकता है, अगर PBKS 15 पॉइंट्स तक पहुंच जाता है.
पंजाब किंग्स
पहले सात मैचों में 13 पॉइंट, उसके बाद लगातार पांच हार, PBKS का यह उतार-चढ़ाव भरा सीजन उन्हें मिड-टेबल की दौड़ में एक नाज़ुक स्थिति में ले आया है. LSG की CSK पर जीत का मतलब है कि 2025 के रनर-अप के लिए 17 पॉइंट काफ़ी होंगे. अगर वे अपने दोनों मैच जीत लेते हैं तो RCB या SRH में से कोई एक टीम 16 पॉइंट पर ही रह जाएगी. वे 13 पॉइंट के साथ भी क्वालिफ़ाई कर सकते हैं, बशर्ते RR और CSK कोई मैच न जीतें और KKR, DC को हरा दें, लेकिन GT और MI से हार जाए. ऐसा होने पर KKR के 11 पॉइंट रह जाएंगे, जबकि RR, DC और CSK के 12-12 पॉइंट होंगे, जिससे PBKS चौथी टीम के तौर पर RCB, GT और SRH के साथ क्वालिफ़ाई कर जाएगी. इसी तरह, 15 पॉइंट होने पर उन्हें दूसरे मैचों के नतीजों पर निर्भर रहना पड़ेगा.
कोलकाता नाइट राइडर्स
कोलकाता के अभी तीन घरेलू मैच बाकी हैं. ऐसे में KKR ज़्यादा से ज़्यादा 15 पॉइंट तक पहुंच सकती है. SRH, PBKS, RR और CSK में से हर टीम 16 या उससे ज़्यादा पॉइंट तक पहुंच सकती है, जिससे KKR टॉप चार से बाहर हो जाएंगी. हालांकि इस बात की भी संभावना है कि वे 13 पॉइंट के साथ भी क्वालिफ़ाई कर जाएं, मगर ऐसा तभी हो सकता है, जब PBKS, RR और CSK अपने बाकी सभी मैच हार जाएं. तब चौथे स्थान के लिए मुकाबला KKR और PBKS के बीच NRR पर आकर टिक जाएगा.
दिल्ली कैपिटल्स
DC के पास आगे बढ़ने का मौका तभी है, जब वे सबसे पहले अपने बाकी बचे दोनों मैच जीत लें, लेकिन उनका NRR (-0.993) इन मौकों को और भी कम कर देता है. वे चाहेंगे कि RCB, GT और SRH लगातार जीतते रहें (SRH बनाम RCB मैच का नतीजा कोई मायने नहीं रखता) और LSG और MI अपने बाकी बचे मैचों में PBKS और RR को हरा दें. अगर ये सभी नतीजे इसी तरीके से आते हैं, तो DC को NRR पर निर्भर हुए बिना ही आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है. DC का -0.993 का खराब NRR उन्हें ऐसी स्थिति में डाल देता है कि 14 अंकों की बराबरी होने पर उनके आगे बढ़ने की संभावना लगभग न के बराबर हो जाती है.

