रियान पराग की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने अपने शुरुआती दोनों मैच जीते. राजस्थान ने अपने पहले मैच में पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स को आठ विकेट से हराया और फिर इसके बाद गुजरात टाइटंस को छह रन से मात दी. अहमदाबाद में खेले गए मुकाबले में एक समय गुजरात के हाथों राजस्थान की हार नजर आ रही थी, मगर रोमांचक मुकाबले के आखिर में पराग के लिए गए एक साहसी फ़ैसले की बदौलत उनकी टीम ने जीत हासिल कर ली. यह फैसला न सिर्फ निर्णायक साबित हुआ, बल्कि इस फैसले के चलते पराग को भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री की भी तारीफ मिली.
आर्चर को 19वां ओवर देने का फैसला
उस अहम मोड़ पर पराग ने 19वां ओवर जोफ्रा आर्चर को देने का फैसला किया, जो सही साबित हुआ. आर्चर ने अपनी लेंथ को सटीक रखा और अपनी रफ़्तार का सही इस्तेमाल किया, जिससे बल्लेबाज़ों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं मिला. इस ओवर में सिर्फ चार रन बने राशिद और रबाडा सिर्फ़ एक-एक रन ही बना पाए और कोई बाउंड्री नहीं लगी, जिससे आखिरी ओवर में जीत के लिए 11 रन बनाने का समीकरण और मुश्किल हो गया.
तुषार देशपांडे से आखिरी ओवर
निर्णायक आखिरी ओवर के लिए पराग ने तुषार देशपांडे को गेंद थमा दी, जबकि उनके पास नांद्रे बर्गर और संदीप शर्मा जैसे ज़्यादा अनुभवी विकल्प मौजूद थे. देशपांडे ने दबाव में भी शांत रहते हुए अपने कप्तान के भरोसे को सही साबित किया. लगातार सटीक यॉर्कर डालते हुए, उन्होंने सिर्फ पांच रन दिए और राशिद को आउट कर दिया. इस तरह उन्होंने रॉयल्स को एक रोमांचक जीत दिलाई, जबकि एक समय ऐसा लग रहा था कि यह मैच उनके हाथ से फिसल रहा है.
पराग के फैसले की तारीफ
शास्त्री ने खेल की क्वालिटी और पराग के संयम दोनों की तारीफ की. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके उन्होंने कहा कि IPL के इतिहास के सबसे बेहतरीन मैचों में से एक. इसे संभालकर रख लो! रियान पराग, आप में सचमुच फौलादी हिम्मत है और आपका भविष्य बहुत उज्ज्वल है, खासकर लीडरशिप की भूमिका में. जबरदस्त संयम. बहुत बढ़िया खेले. जीत के बाद पराग ने खुलासा किया कि आर्चर को 19वां ओवर देने का फैसला ध्रुव जुरेल के सुझाव पर लिया गया था, जिन्होंने इससे पहले बल्ले से एक अहम भूमिका निभाई थी.

