लखनऊ सुपर जायंट्स आईपीएल 2026 में प्लेऑफ की रेस से बाहर होने वाली पहली टीम बनी. उसे 10 मई को चेन्नई सुपर किंग्स के सामने हार मिली. इसके साथ ही उसके अंतिम-4 में जाने के सारे गुणा-गणित फेल हो गए. लखनऊ सुपर जायंट्स को टूर्नामेंट के दौरान कप्तान ऋषभ पंत की नाकामी भारी पड़ी. यह बल्लेबाज पूरे सीजन जूझते हुए दिखा जबकि वे टॉप ऑर्डर में खेल रहे थे. उन्हें इस टीम ने 2025 मेगा ऑक्शन में 27 करोड़ रुपये की सबसे बड़ी बोली लगाकर लिया था. लखनऊ के प्लेऑफ रेस से बाहर होने पर फ्रेंचाइज ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट टॉम मूडी से पंत के प्राइस टैग को लेकर सवाल किया गया और उन्होंने तीखा जवाब दिया.
आईपीएल 2026 के आगाज से पहले सबकी नज़रें पंत पर थी. वे भारत के वनडे-टी20 फॉर्मेट से बाहर हैं. ऐसे में माना गया कि आईपीएल के जरिए वे फिर से वापसी का दावा पेश करेंगे लेकिन अब तो मामला पहले से ज्यादा खराब हो गया. मूडी ने पंत पर प्राइस टैग के दबाव को लेकर कहा, 'यह सवाल तो आपको उन्हीं से पूछना चाहिए. मैं उनके लिए नहीं बोल सकता कि उन्हें उम्मीदों को लेकर कैसा लग रहा है. हरेक खिलाड़ी विशेष रूप से प्रोफाइल प्लेयर फिर चाहे ऋषभ पंत हो या कोई और जो कप्तान भी हो सकता है या सीनियर खिलाड़ी, उन पर दबाव तो रहता है और यही तो आईपीएल की खूबसूरती है. या तो आप दबाव को अपना लेते हैं व ऊपर उठते हैं या फिर जूझना पड़ता है.'
ऋषभ पंत के नंबर 3 पर खेलने पर क्या बोले मूडी
पंत आईपीएल 2026 में लगातार नंबर तीन की पॉजीशन पर खेले. लेकिन फिर रन नहीं बना सके. इससे लखनऊ को निकोलस पूरन को नीचे खिलाना पड़ा और उनके भी रन नहीं आए.
मूडी ने कहा, 'ऋषभ इस साल नंबर तीन पर खेलना चाहते थे इसलिए हमनें उन्हें यह मौका दिया. पहले मैच में उन्होंने ओपन किया. ऐसे अक्षर पटेल के खिलाफ मैच अप के लिए किया गया. वह बदकिस्मती से रनआउट हो गए इसलिए वह मैच अप का मौका गंवा बैठे. निकी पी इस टूर्नामेंट में कलाई में सूजन के साथ आए और पहले एक या दो सप्ताह में इस बात का ध्यान रखना पड़ा. टी20 क्रिकेट की दुनिया में निकी पी तीन से पांच नंबर तक खेलते हैं. वह इन भूमिकाओं में कारगर रहे हैं. उनका सीजन धीरे शुरू हुआ लेकिन जब जोखिमभरा खेल होता है तो यह होना ही है.'

