आईपीएल 2026 फाइनल में गुजरात टाइंटस ने चौंकाते हुए जॉस बटलर को तीन की जगह चौथे नंबर पर बैटिंग को भेजा था. उनकी जगह युवा बल्लेबाज निशांत सिंधु को भेजा गया. यह फैसला गलत साबित हुआ था. न तो निशांत का बल्ला चला, न ही बटलर का और न ही गुजरात टाइटंस को जीत मिली. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने यह मुकाबला जीतते हुए दूसरी बार आईपीएल पर कब्जा किया. इंग्लैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज जॉस बटलर ने अब इस बारे में चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने बताया कि यह फैसला किसने और क्यों लिया था.
बटलर ने एक पॉडकास्ट में इस बारे में बताया कि वे बैटिंग के लिए जाने को तैयार थे लेकिन हेड कोच आशीष नेहरा ने उन्हें रोक दिया. उन्होंने कहा, 'जब दूसरा विकेट गिरा तो मैं हेलमेट पहनने वाला था लेकिन आशीष नेहरा ने मुझसे कहा कि बैठ जाओ. हम नंबर तीन पर निशांत को भेज रहे हैं. मैंने मैच के बाद उनसे इस बारे में पूछा और उन्होंने कहा कि उस समय रिएक्ट करने की कोई जरूरत नहीं थी.'
बटलर ने बताया नेहरा ने नंबर 3 पर निशांत सिंधु को क्यों भेजा
आईपीएल 2026 फाइनल में नंबर तीन पर भेजे गए निशांत ने 18 गेंद में तीनों चौकों से 20 रन बनाए. वहीं चौथे नंबर पर बैटिंग को गए बटलर 23 गेंद में 19 रन बनाकर आउट हुए. उन्होंने एक चौका लगाया. बटलर ने निशांत को भेजे जाने पर आगे बताया, 'उन्होंने (नेहरा) सोचा कि यह निशांत को भेजने का सही समय है क्योंकि वह टॉप ऑर्डर का बल्लेबाज है जो कभीकभार काफी नीचे बैटिंग के लिए गया क्योंकि टीम को अच्छी शुरुआत मिलती थी. सही या गलत, यह फैसला हमारे लिए काम नहीं कर पाया. जब मैं बैटिंग के लिए गया तब मुझे महसूस हुआ कि पारी को आखिर तक ले जाने की जरूरत है. प्लान यह था कि हर गेंद पर रन बनते रहे और फिर बाउंड्री लगाकर रनगति बढ़ाई जाए. लेकिन मैं बाउंड्री नहीं ढूंढ़ पाया और आखिर में बहुत अच्छी गेंदबाजी पर आउट हो गया.'
जॉस बटलर ने क्रुणाल की गेंद पर आउट होने पर क्या कहा
बटलर को क्रुणाल पंड्या ने स्टंप कराया. इंग्लिश खिलाड़ी ने बाहर निकलकर शॉट लगाना चाहा लेकिन क्रुणाल ने ऑफ साइड में बाहर की तरफ गेंद डालकर उन्हें असहाय कर दिया. इस बारे में बटलर ने कहा, 'क्रुणाल पंड्या चतुर खिलाड़ी है. उसने मुझे बाहर आते देखा और बाहर, तेज यॉर्कर फेंकी और मैं स्टंप हो गया. यह निराशाजनक था. आईपीएल फाइनल में हर गेंद पर एक रन से भी कम बनाना बहुत खराब है. लेकिन मेरे दिमाग में साफ योजना थी. मुझे अभी भी लगता है कि यह सही था. मैं बस इसे लागू नहीं कर पाया. मुझे लगता है कि अगर हम 180 के करीब पहुंच जाते तो वह काफी अच्छा स्कोर होता.'

