कोलकाता नाइट राइडर्स के स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती 16 मई को गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपने पूरे चार ओवर फेंकने के बाद सवालों के घेरे में आ गए हैं. दरअसल इससे पहले खेले गए एक मैच में फील्डिंग के दौरान उनके पैर में हेयरलाइन फ्रैक्चर हो गया था. चक्रवर्ती ने अपने चार ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 47 रन दिए. यह मैच KKR के लिए 'करो या मरो' वाला मुकाबला था. पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार चक्रवर्ती से गेंदबाजी कराने पर बीसीसीआई कोलकाता से नाखुश हैं और इस मामले में बीसीसीआई की मेडिकल टीम दखल दे सकती है.
मुझे पक्के तौर पर पता है कि KKR के फिजियो टीम इंडिया के फिजियो (कमलेश जैन) के संपर्क में हैं. KKR की तरफ से BCCI को यह जानकारी दी गई है कि पिछले मैच में बाउंड्री बचाने की कोशिश में वरुण के बाएं पैर में चोट लग गई थी. ऐसा समझा जा रहा है कि उन्हें हेयरलाइन फ्रैक्चर हुआ है. मेरा मानना है कि BCCI के सेंट्रल कॉन्ट्रेक्ट खिलाड़ी होने के नाते उनकी फिटनेस सबसे ज़्यादा अहम है और BCCI की मेडिकल टीम इसमें दखल दे सकती है.
चोट बिगड़ने का खतरा
हालांकि वरुण चक्रवर्ती को T20 स्पेशलिस्ट माना जाता है और अफगानिस्तान के खिलाफ भारत की आने वाली घरेलू सीरीज़ में सबसे छोटा फॉर्मेट शामिल नहीं है. फिर भी इस बात को लेकर चिंता बनी हुई है कि अगर उनकी चोट और बिगड़ जाती है तो क्या वह 26 जून से शुरू होने वाले इंग्लैंड दौरे के लिए समय पर ठीक हो पाएंगे. खासकर तब, जब टीम उन्हें मैदान पर बनाए रखने के लिए इतनी बेताब है, लेकिन यह सवाल भी उठ रहे हैं कि वरुण ने रन-अप के दौरान परेशानी महसूस होने के बाद भी गेंदबाज़ी जारी रखने का फ़ैसला क्यों किया. उन्होंने चार ओवर में बिना विकेट लिए 47 रन दिए और सिर्फ़ तीन डॉट बॉल डाल पाए.
9 मैचों में 10 विकेट
अधिकारी का कहना है कि अगर वरुण को पिछले मैच में RCB के ख़िलाफ पैर की चोट की वजह से आराम दिया गया था तो यह जानना बहुत जरूरी है कि चार दिन के ब्रेक (8 मई को DC के ख़िलाफ) के बाद भी वह उस मैच (13 मई को) में क्यों नहीं खेल पाए, लेकिन शनिवार को खेले. इस सीजन में वरुण चक्रवर्ती के प्रदर्शन की बात करें तो 9 मैचों में उन्होंने 9.00 की इकॉनमी और 29.70 की औसत से कुल 10 विकेट लिए.

