लखनऊ सुपर जायंट्स के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने लखनऊ की इकाना की पिच की तुलना पर्थ की बीते जमाने की मशहूर वाका पिच से की और स्वीकार किया कि उनकी टीम इसमें मिलने वाली गति और उछाल से तालमेल बिठाने में नाकाम रही है. एलएसजी अपने घरेलू मैदान पर अब तक खेले गए तीनों मैच हार चुकी है. दिल्ली कैपिटल्स और गुजरात टाइटन्स के खिलाफ उसे यहां छह और सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जबकि बुधवार को राजस्थान रॉयल्स ने उसे 40 रन से हराया.
तालमेल नहीं बिठा पा रहे बल्लेबाज
लैंगर ने कहा कि उनकी टीम ने अच्छी शुरुआत की थी. वह इस पिच पर अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं, लेकिन उनके बल्लेबाज इससे मिलने वाली अतिरिक्त गति और उछाल से तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं. उनके बल्लेबाज कई बार शॉर्ट पिच गेंदों पर आउट हुए. लैंगर ने कहा कि भारत में उन्होंने कई ऐसी पिचें देखी हैं जहां गेंद अधिक उछाल नहीं लेती है, लेकिन यह पिच वाका की पिच की तरह है. यहां गेंद को अच्छी गति और उछाल मिलती है. यहां वाकई दिलचस्प क्रिकेट देखने को मिल रहा है.
चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने में नाकाम
कप्तान ऋषभ पंत, ऑस्ट्रेलिया के मिचेल मार्श, साउथ अफ्रीका के टी20 कप्तान एडन मार्क्रम और निकोलस पूरन जैसे धाकड़ बल्लेबाजों की मौजूदगी के बावजूद एलएसजी की टीम अपने घरेलू मैदान पर चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाने के लिए संघर्ष कर रही है. उसने अब तक यहां तीन मैच में 141, आठ विकेट पर 164 और 119 रन ही बनाए हैं. लैंगर ने कहा कि उनके बल्लेबाज अभी तक लय हासिल नहीं कर पाए हैं. उनकी बल्लेबाजी लाइनअप को देखते हुए सत्र की शुरुआत में किसी ने भी यह नहीं सोचा होगा कि उनके बल्लेबाज लय हासिल नहीं कर पाएंगे. उन्होंने इसकी कल्पना भी नहीं की थी और इसलिए वह इस पर कड़ी मेहनत कर रहे हैं.
उन्होंने गेंदबाजों की तारीफ करते हुए कहा कि इस साल उनके गेंदबाजों ने वाकई शानदार प्रदर्शन किया है. उन्हें लगता है मोहसिन खान और प्रिंस यादव दोनों ऐसे खिलाड़ी हैं जो भारत के लिए खेलेंगे. उन्हें इसमें कोई शक नहीं है.

