राजस्थान रॉयल्स को मिले नए मालिक, मित्तल परिवार और अदार पूनावाला ने खरीदी हिस्सेदारी

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राजस्थान रॉयल्स.
राजस्थान रॉयल्स.

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राजस्थान दूसरी आईपीएल फ्रेंचाइज है जिसका स्वामित्व बदला है.

डियाजियो ग्रुप ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु फ्रेंचाइज को बेच दिया.

आदित्य बिड़ला के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने आरसीबी को लिया.

राजस्थान रॉयल्स को नए मालिक मिल गए हैं. स्टील किंग कहे जाने वाले लक्ष्मीनिवास मित्तल और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मालिक अदार पूनावाला ने इस फ्रेंचाइज में बड़ी हिस्सेदारी ले ली. इन दोनों के पास कुल 93 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी. इसमें से 75 प्रतिशत हिस्सा मित्तल परिवार के पास होगा तो 18 प्रतिशत पूनावाला रखेंगे. बाकी बचा सात प्रतिशत हिस्सा वर्तमान मालिक मनोज बदाले समेत बाकी लोगों के पास रहेगा. इस बारे में एक समझौता हो चुका है.

जानकारी के अनुसार, बदाले इस फ्रेंचाइज से जुड़े रहेंगे और वे अतीत और भविष्य के बीच कड़ी का काम करेंगे. यह सौदा करीब 1.65 बिलियन डॉलर यानी 15 हजार करोड़ रुपये का रहेगा. राजस्थान रॉयल्स के साथ ही साउथ अफ्रीकी लीग की पार्ल रॉयल्स और कैरेबियन प्रीमियर लीग की टीम बारबडोस रॉयल्स का स्वामित्व भी नए मालिकों के पास चला जाएगा. अभी इस सौदे को बीसीसीआई, कंपीटिशन काउंसिल ऑफ इंडिया, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल और बाकी नियामक संस्थाओं की मंजूरी मिलना बाकी है. कहा जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में सौदा पूरा हो जाएगा. 

इस सौदे के साथ राजस्थान रॉयल्स के बोर्ड में बदाले के साथ ही लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनिशा मित्तल भाटिया और अदार पूनावाला जुड़ जाएंगे. मित्तल परिवार राजस्थान से ही ताल्लुक रखता है. यह परिवार राजस्थान के चूरू जिले के सादुलपुर से निकला है. लक्ष्मी मित्तल की पैदाइश भी सादुलपुर की ही है.

रॉयल्स का पुराना सौदा हुआ नाकाम

इससे पहले खबर आई थी कि काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने इस फ्रेंचाइज को लिया है. लेकिन वे इस सौदे के लिए फंड जुटाने में नाकाम रहे. इसके बाद मित्तल व पूनावाला ने मिलकर रॉयल्स के स्वामित्व के लिए दावा पेश किया. पूनावाला पहले आरसीबी को लेने के इच्छुक भी थे.