रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल में पहुंच गई. उसने 26 मई को गुजरात टाइटंस को 92 रन से हराकर क्वालिफायर 1 जीतते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बनाई. आरसीबी के पास अब चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस की तरह लगातार दो आईपीएल खिताब जीतने का मौका रहेगा. गुजरात पर जीत के बाद टीम के डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट मो बोबाट ने कहा कि उनके पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो दबाव से भागते नहीं बल्कि उसकी तरफ जाते हैं.
धर्मशाला में खेले गए मुकाबले में एक समय आरसीबी की टीम मुश्किल में पड़ती दिख रही थी. उसने विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल को एक ही ओवर में गंवा दिया था. इससे उसका स्कोर एक विकेट पर 93 से तीन विकेट पर 94 रन हो गया. लेकिन कप्तान रजत पाटीदार और क्रुणाल पंड्या ने मिलकर वापसी कराई. दोनों के बीच 95 रन की तगड़ी साझेदारी हुई. मैच के बाद बोबाट ने कहा कि टीम के पास काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं और इन सबने मौका आने पर प्रदर्शन किया है.
उन्होंने कहा, 'दबाव वाले मैचों में अनुभव बहुत मायने रखता है. मुझे लगता है कि यह खिलाड़ियों के व्यक्तित्व और चरित्र को भी दर्शाता है. हर कोई जानता है कि विराट कोहली क्या कर सकते हैं - उनकी भूख, लड़ने का जज्बा, उनकी इंटेंसिटी. लेकिन दूसरे खिलाड़ी भी अपने-अपने तरीके से उनसे मिलते-जुलते हैं. क्रुणाल पंड्या में बहुत जोश और आक्रामकता है. वह हमेशा मुश्किल पलों में शामिल होना चाहते हैं. भुवनेश्वर कुमार और जॉश हेजलवुड शांत स्वभाव के हैं लेकिन वे भी ऐसे मौकों में डटकर खड़े रहना चाहते हैं. अगर आप ऐसी टीम बना सकते हैं जहां खिलाड़ी दबाव वाली स्थितियों से भागने के बजाय उनका सामना करें, तो यह बहुत मायने रखता है.'
आरसीबी में हमेशा से बड़े स्टार रहे हैं लेकिन उसे पहली खिताबी सफलता हासिल करने में 18 सीजन लगे थे. अब इस टीम के पास एक से बढ़कर कमाल करने वाले खिलाड़ी हैं. बोबाट ने इस बारे में कहा, 'मुझे इस बात की विशेष खुशी है कि बहुत सारे खिलाड़ी जीत में योगदान दे रहे हैं. जब लोग कहते हैं कि यह संपूर्ण टीम है तो मेरे कहने का भी वही मतलब होता है. पिछले साल भी हम इसी पैटर्न से खेले थे. हम बॉलिंग या बैटिंग में एक या दो खिलाड़ियों के भरोसे नहीं हैं.'

