कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के हाथों आठ विकेट की करारी हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स (DC) की प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं. इस हार ने दिल्ली के अभियान से जुड़ी कई रणनीतिक कमियों को और उजागर कर दिया है, जिसमें पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम की बल्लेबाजी में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद पृथ्वी शॉ को टीम से बाहर रखना भी शामिल है.
टीम के चयन से जुड़े फैसलों की आलोचना
भारत के पूर्व स्पिनर मुरली कार्तिक ने दिल्ली टीम के विस्फोटक ओपनर को संभालने के तरीके पर सवाल उठाया और टीम के चयन से जुड़े फैसलों की आलोचना की. क्रिकबज के अनुसार मुरली कार्तिक का कहना है कि भले ही पिछले दो सालों से शॉ टीम से बाहर चल रहे थे, मगर उन्हें किसी तर्क के आधार पर टीम में वापस लाया गया. अगर दिल्ली उन्हें ओपनिंग के लिए चुनी हैं, तो उनके लिए कई विकल्प खुल जाते हैं. उन्होंने आगे कहा कि आपके पास एक ज़बरदस्त ओपनर मौजूद है. वह टीम में किसी खास वजह से ही है, लेकिन आप पृथ्वी शॉ को छोड़कर बाकी सभी खिलाड़ियों पर नज़र डाल रहे हैं.
कोलकाता की वापसी
KKR ने एक जबरदस्त ऑल-राउंड प्रदर्शन करते हुए अपनी शानदार वापसी का सिलसिला जारी रखा. सुनील नरेन, वरुण चक्रवर्ती और अनुकूल रॉय की स्पिन तिकड़ी ने बीच के ओवरों में दिल्ली को पूरी तरह से जकड़ लिया और मेजबान टीम की अच्छी शुरुआत के बावजूद उन्हें 142/8 के स्कोर पर रोक दिया. पथुम निसांका ने एक शानदार अर्धशतक लगाया, जबकि आशुतोष शर्मा ने 28 गेंदों में 39 रन बनाकर पारी के आखिर में कुछ संघर्ष किया. हालांकि दिल्ली की पारी की रफ़्तार अचानक धीमी पड़ गई, क्योंकि KKR के स्पिनरों ने बहुत कम रन दिए और नियमित अंतराल पर विकेट भी चटकाए.
जवाब में फिन एलन ने सिर्फ 47 गेंदों में एक शानदार और नाबाद 100 रन बनाकर दिल्ली के बॉलिंग अटैक को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया. कैमरन ग्रीन 33 रन बनाकर नाबाद रहे. एलन ने स्पिनरों और तेज़ गेंदबाज़ों, दोनों पर अपना दबदबा बनाए रखा और KKR ने 35 गेंदें शेष रहते ही लक्ष्य हासिल कर लिया.

