Nitish Kumar Reddy interview: सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेल रहे भारतीय ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी ने एक मुश्किल दौर के बाद गेंदबाजी में अपनी लय हासिल करने में मदद करने के लिए एक ‘विशेष व्यक्ति’ को क्रेडिट दिया है, लेकिन फिलहाल वह उस व्यक्ति की पहचान उजागर नहीं करना चाहते हैं. 22 साल के इस खिलाड़ी को भारत के स्टार तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है, लेकिन पिछले एक साल से फिटनेस समस्याओं के कारण उनका सफर प्रभावित हुआ है. रेड्डी ने स्वीकार किया कि चोटों के कारण वे अपनी गेंदबाजी में सुधार नहीं कर पाए.
बाद में पहचान का खुलासा
उस ‘विशेष व्यक्ति’ की पहचान के बारे में पूछे जाने पर रेड्डी ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं इसका खुलासा बाद में करूंगा. रेड्डी ने कोलकाता के खिलाफ 24 गेंदों में 39 रन बनाने के अलावा दो ओवरों में 17 रन देकर दो विकेट लिए और सनराइजर्स की 65 रन की जीत में अहम भूमिका निभाई. रेड्डी ने बताया कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे तो उन्हें लगा कि विकेट थोड़ा ज्यादा तेज है क्योंकि गेंदबाज जब धीमी बाउंसर फेंकने की कोशिश करते हैं, तो कभी-कभी गेंद बल्ले पर रुककर आती है और कभी-कभी बल्लेबाज के पास तेजी से पहुंच जाती है.
धीमी गेंद करना ताकत
उन्होंने कहा कि इसलिए उन्होंने सोचा कि क्यों न धीमी गेंद की जाए और उन्होंने वही किया. उन्हें रिंकू सिंह का विकेट मिला, क्योंकि गेंद बल्ले की तरफ तेजी से आई और तभी बल्ले का किनारा लगा. धीमी गेंद करना उनकी ताकत हैं. इसलिए उन्होंने उनका पूरा फायदा उठाया. रेड्डी ने साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन के प्रभाव के बारे में कहा कि उन्हें क्लासेन के साथ खेलने में बहुत मजा आता है. वह अनुभवी खिलाड़ी हैं और स्थिति को अच्छी तरह समझ लेते हैं.

