वैभव सूर्यवंशी को गेंदबाजी करना सबसे बड़ी चुनौती, 15 साल के बल्लेबाज ने SRH के कोच को भी चौंकाया

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जेम्स फ्रैंकलिन ने माना कि वैभव सूर्यवंशी को गेंदबाजी करना असंभन चुनौती बन गई थी. (Photo Credit: BCCI)
जेम्स फ्रैंकलिन ने माना कि वैभव सूर्यवंशी को गेंदबाजी करना असंभन चुनौती बन गई थी. (Photo Credit: BCCI)

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जेम्स फ्रैंकलिन ने माना कि वैभव सूर्यवंशी को गेंदबाजी करना असंभन चुनौती बन गई थी.

सूर्यवंशी जल्द ही गेंदबाजों की रणनीति समझ गए थे.

राजस्थान रॉयल्स के सेंसेशन वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट की दुनिया को लगातार हैरान कर रहे हैं. बुधवार को IPL 2026 के एलिमिनेटर मैच के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद ने भी माना कि उनके पास इस 15 साल के खिलाड़ी को रोकने का कोई खास जवाब नहीं था. सूर्यवंशी की सिर्फ 29 गेंदों पर खेली गई 97 रनों की तूफानी पारी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स ने 47 रनों की शानदार जीत दर्ज की और गुजरात टाइटंस के ख़िलाफ क्वालिफायर 2 में अपनी जगह पक्की कर ली.

गलती की गुंजाइश बेहद कम


मैच के बाद SRH के सहायक कोच जेम्स फ्रैंकलिन ने माना कि वैभव सूर्यवंशी को गेंदबाजी करना लगभग एक असंभव चुनौती बन गया था, क्योंकि गलती की गुंजाइश बेहद कम थी. फ्रैंकलिन ने कहा कि गेंदबाजी करने के लिए उनके पास बहुत ही कम जगह थी. उनका मानना ​​है कि जब आप किसी बहुत अच्छी पिच पर खेल रहे होते हैं तो गेंदबाजों के लिए उस बहुत ही कम जगह पर गेंद डालना और भी मुश्किल हो जाता है, जिसकी वे तलाश में होते हैं. 

जल्द ही रणनीति समझ गए सूर्यवंशी 

SRH ने पारी की शुरुआत में कुछ खास रणनीतियां अपनाईं. उन्होंने इस युवा खिलाड़ी को लेग स्टंप के आस-पास गेंदें डालकर उन्हें खेलने की जगह (room) देने से रोकने की कोशिश की, लेकिन सूर्यवंशी ने तेजी से खुद को उस स्थिति के अनुसार ढाल लिया. कोच ने कहा कि उन्हें लगता है कि पावरप्ले के शुरुआती कुछ ओवरों में देखा होगा कि वह काफी फुल लेंथ की गेंदें डालने की कोशिश कर रहे थे. कुछ हद तक लेग स्टंप के अंदर, ताकि उसकी स्विंग के नीचे गेंद डाल सकें, लेकिन सूर्यवंशी जल्द ही उनकी इस रणनीति को समझ लिया.

फ्रैंकलिन ने भी सूर्यवंशी की असाधारण प्रतिभा की जमकर तारीफ की और उनके लिए एक और भी उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी की. उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी ने पहले कभी ऐसी प्रतिभा देखी होगी. वह इस समय जो कुछ कर रहे हैं, वह सचमुच अविश्वसनीय है. यह सोचना कि उनके करियर में अभी भी शायद 25 साल बाकी हैं, काफी चौंकाने वाला है. वह समय के साथ और भी बेहतर होंगे और भी मजबूत बनेंगे और उनकी बल्लेबाजी में और भी ज़्यादा परिपक्वता आएगी.