आईपीएल 2026 सीजन में राजस्थान रॉयल्स अपनी जबरदस्त बैटिंग की वजह से सुर्खियों में छाई हुई है.वहीं शुक्रवार रात गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के खिलाफ हुए मैच में जहां पहले चर्चा चौके छक्कों की हो रही थी, वहीं अब एक वीडियो वायरल होने के बाद राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर रोमी भिंडर चर्चा में आ गए हैं.भिंडर को लेकर बवाल मच गया है. यह बवाल तब शुरू हुआ,जब टीवी कैमरों ने उन्हें टीम डगआउट में खड़े होकर मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ लिया और उस वक्त उनके पास वैभव सूर्यवंशी भी मौजूद थे.
यह घटना पूर्व IPL कमिश्नर ललित मोदी की नजर से बच नहीं पाई. सोशल मीडिया पर इस बारे में बात करते हुए, मोदी ने हैरानी जताई कि भ्रष्टाचार-रोधी अधिकारियों ने टीम के डगआउट में मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल की अनुमति कैसे दे दी.
क्या है PMOA
दरअसल मैनेजर्स को फोन इस्तेमाल करने अनुमति है, मगर डगआउट में नहीं. भिंडर ने BCCI के 'खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों के लिए न्यूनतम मानक' (PMOA) का उल्लंघन किया है और मैच रेफरी और भ्रष्टाचार-रोधी विंग उन्हें तलब कर सकती है. PMOA सीजन शुरू होने से पहले हर फ्रेंचाइज के साथ शेयर किया जाता है, जिसमें फोन के इस्तेमाल को लेकर भी नियम है. डगआउट में फोन इस्तेमाल न करने का नियम किसी भी ऐसे बाहरी संपर्क को रोकना है जो खेल पर असर डाल सकता हो.
नियमों के मुताबिक डगआउट को साफ तौर पर PMOA का हिस्सा बताया गया है. हालांकि नियम कुछ लोगों को थोड़ी-बहुत छूट देते हैं, लेकिन पाबंदियां बहुत ही बारीकी से तय की गई हैं. IPL 2026 के PMOA प्रोटोकॉल में साफ लिखा है कि PMOA में मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरणों का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं है, सिवाय टीम के कुछ सदस्यों के. टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम में फोन इस्तेमाल कर सकता है, लेकिन डगआउट में नहीं. सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को स्टेडियम पहुंचते ही अपने मोबाइल फ़ोन और स्मार्टवॉच बंद करने होंगे, और उन्हें सुरक्षित रखने के लिए टीम के सुरक्षा संपर्क अधिकारी (SLO) को सौंपना होगा.

