राशिद खान टी20 क्रिकेट में एक जरूरी बदलाव करना चाहते हैं जो बाउंड्री लाइन से जुड़ा हुआ है. उनका कहना है कि बाउंड्री की दूरी निश्चित तौर पर बढ़ाई जानी चाहिए. इससे गेंदबाजों को खेल में मदद मिलेगी. राशिद खान ने स्पोर्ट्स टुडे से बात करते हुए यह इच्छा जाहिर की. उन्होंने साफ किया कि प्रतिस्पर्धी क्रिकेट के लिए ऐसा होना चाहिए. आईपीएल के दौरान देखा जाता है कि कुछ मैदानों में बाउंड्री साइज काफी छोटी होती है. इनमें बेंगलुरु, मुंबई, अहमदाबाद जैसे नाम आते हैं.
राशिद ने टी20 क्रिकेट में एक नियम बदलने के सवाल पर कहा, 'अगर क्रिकेट को प्रतिस्पर्धी बनाना है तो पिच से मदद के बजाए बाउंड्री साइज अच्छी होनी चाहिए. जब बाउंड्री छोटी होती है तब कई बार अच्छी गेंद फेंकने पर भी बल्लेबाज के बल्ले का किनारा लेकर गेंद छक्के लिए चली जाती है. यह देखकर दुख होता है, निराशा होती है. इसलिए मुझे लगता है कि पिच से मदद की जगह अगर बाउंड्री की साइज सब जगह बराबर हो तो बेहतर होगा. तब आप खुले दिमाग के साथ जाकर प्रदर्शन कर सकते हैं.'
भारत में छोटी रहती है बाउंड्री
भारत में आमतौर पर देखा गया है कि बाउंड्री छोटी रहती है. इससे यहां पर बड़े शॉट लगाना आसान हो जाता है. भारत में औसतन बाउंड्री की दूरी 60 मीटर के करीब होती है. वहीं ऑस्ट्रेलिया में बड़े मैदान होते हैं और वहां बाउंड्री भी बड़ी रहती है. वहां आमतौर पर 80 मीटर के आसपास की बाउंड्री रहती है.
राशिद खान ने बताया बड़ी बाउंड्री होने से क्या होगा
राशिद ने कहा कि जब बाउंड्री साइज बड़ी होगी तब बल्लेबाज को भी मेहनत करना होगा. उन्होंने कहा, 'तब बल्लेबाज भी दबाव होगा. जब 60 मीटर की बाउंड्री होती है तब दिमाग अलग तरह से काम करता है और जब 72 मीटर की बाउंड्री रहती है तब माइंडसेट अलग होता है. बड़ी बाउंड्री होने पर बल्लेबाज भी पूरे दम से शॉट लगाना चाहेगा. तब टाइमिंग, शॉट सेलेक्शन की भी अहमियत बढ़ जाती है. उस स्थिति में ऐसा नहीं होगा कि गेंद किनारा लेकर छक्के या चौके के लिए चली जाए.'

