पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर पर 24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि बीती रात चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ IPL 2026 के मैच के दौरान उनकी टीम धीमी ओवर-रेट बनाए रखने की दोषी पाई गई. IPL की आचार संहिता के तहत इस सीज़न में PBKS की यह दूसरी गलती थी. इसी वजह से अनुच्छेद 2.22 के तहत सज़ा सिर्फ अकेले कप्तान को ही नहीं मिली, बल्कि इम्पैक्ट प्लेयर समेत पूरी प्लेइंग इलेवन को मिली. अय्यर को छोड़कर पूरी टीम को 6 लाख रुपये या उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) का जुर्माना लगाया गया.
भले ही इस सीजन में पंजाब का यह 'स्लो ओवर-रेट' का दूसरा मामला हो, फिर भी टीम के तीसरी बार भी नियम तोड़ने पर कप्तान अय्यर पर बैन नहीं लगेगा. जिसकी मुख्य वजह IPL 2025 सीजन से पहले नियमों में किया गया एक अहम बदलाव है.
कप्तानों पर बैन का नियम खत्म
इस टूर्नामेंट में कप्तानों पर एक सीजन में तीन बार ओवर-रेट से जुड़ी गलती करने पर एक मैच का बैन लगाने का पुराना नियम खत्म कर दिया गया. इसकी बजाय अब सजा के तौर पर सिर्फ जुर्माना और मैच के दौरान फील्ड पर कुछ पाबंदियां लगाई जाएंगी, जिससे बार-बार गलती करने पर भी कप्तान के तुरंत सस्पेंड होने का खतरा कम हो गया है.
अब जड़ेंगे डिमेरिट पॉइंट्स
हालांकि अब एक ज़्यादा व्यापक व्यवस्था लागू हो गई है. IPL ने डिमेरिट पॉइंट्स (नकारात्मक अंक) शुरू करके अपनी आचार संहिता को ICC के अनुरूप कर लिया है. मैच रेफरी के लगाए गए कोई भी प्रतिबंध खिलाड़ी या अधिकारी के रिकॉर्ड में पॉइंट्स जोड़ देता है, जो 36 महीनों तक मान्य रहते हैं. समय के साथ इन पॉइंट्स के जमा होने पर निलंबन भी हो सकता है, जिससे अनुशासन एक तात्कालिक चिंता के बजाय लंबी अवधि की चिंता बन जाता है.

