वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया में लेने की मांग के बीच मिली तगड़ी सलाह, '35 में 100 हो या पहली गेंद पर जीरो...'

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मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी (photo: getty)
मैच के दौरान वैभव सूर्यवंशी (photo: getty)

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वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में 263 से ऊपर की स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं.

सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 का आगाज चेन्नई सुपर किंग्स के सामने 17 गेंद में 52 रन के साथ किया.

सूर्यवंशी ने 14 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू किया था.

वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल में शानदार खेल के चलते भारतीय क्रिकेट टीम में लेने की मांग उठ रही है. कई दिग्गज इस तरह की बात कह चुके हैं. लेकिन राजस्थान रॉयल्स के हेड कोच कुमार संगाकारा का कहना है कि इस युवा बल्लेबाज को बाकी सब चीजों को किनारे रखकर अपने खेल का मजा लेना चाहिए. उन्होंने साथ ही कहा कि इस बल्लेबाज को जितना कम कहना चाहिए उतना ही बेहतर है.

सूर्यवंशी ने 14 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू किया था. इसके बाद पहले ही सीजन में शतक लगाया था. इस सीजन भी सूर्यवंशी ने कमाल किया और जसप्रीत बुमराह व जॉश हेजलवुड जैसे गेंदबाजों के सामने भी विध्वंसक खेल दिखाया है. इसके बाद इस युवा को जल्द से जल्द इंटरनेशनल क्रिकेट में ले जाने की बातें होने लगी. राजस्थान का अगला मैच कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ होना है. इस मुकाबले से पहले टीम के हेड कोच ने कहा, 'वैभव को मेरा सिंपल सा मैसेज है- सबका आनंद लो. फिर चाहे 35 गेंद में 100 हो, 15 गेंद में 50 हो या पहली गेंद पर जीरो... तुम्हें रन बनाने की छूट है और तुम्हें नाकाम होने का हक भी है. यह खेल का हिस्सा है.'

संगाकारा ने आगे कहा, 'वैभव वाकई एक्साइटिंग युवा खिलाड़ी है. लोग टैलेंट की बात करते हैं लेकिन उन्हें यह भी समझना चाहिए कि वह नेट्स में कितनी मेहनत करता है. वह बहुत अच्छे से खेल को समझता है, स्थिति को भांप लेता है और असरदार तरीके से गेंदबाजों का सामना करने के लिए योजना बनाता है.'

सूर्यवंशी के गोल्डन डक पर आउट होने पर संगाकारा ने क्या कहा

 

सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 का आगाज चेन्नई सुपर किंग्स के सामने 17 गेंद में 52 रन के साथ किया. वे अभी तक पांच पारियों में 263 से ऊपर की स्ट्राइक रेट से 200 रन बना चुके हैं. वे सनराइजर्स हैदराबाद के सामने मुकाबले में गोल्डन डक पर आउट हुए थे. इस बारे में संगाकारा ने कहा, 'टी20 क्रिकेट में ओपनिंग का मतलब ही अब पूरी तरह से हमलावर खेलना हो गया. वह जैसे-जैसे खेलेगा वैसे सीखेगा. उसके जैसे खिलाड़ी के लिए कभीकभार जितना कम कहा जाए उतना अच्छा है. मैं उसे वही 15 साल का बच्चा बने रहने देना चाहता हूं जो किसी आश्चर्य की तरह बैटिंग करता है. वह इसी तरह से आगे बढ़ेगा.'