वैभव सूर्यवंशी ने बताया कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में जब वह गोल्डन डक पर आउट हुए तो उन्हें काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी. उनके बारे में बहुत सारे लोगों ने काफी कुछ कहा था. वैभव सूर्यवंशी को प्रफुल्ल हिंगे ने शॉर्ट पिच गेंद के जरिए आउट किया था. हालांकि इस बल्लेबाज ने 25 अप्रैल को जब दोबारा हैदराबाद का सामना किया तो शतक उड़ाया और हिंगे के पहले ओवर में लगातार चार छक्के ठोक दिए. सूर्यवंशी ने कहा कि वह आलोचकों को बल्ले के जरिए जवाब देना चाहते थे.
राजस्थान रॉयल्स की ओर से शेयर किए गए वीडियो में 15 साल के सूर्यवंशी ने गोल्डन डक आउट होने के बाद के अनुभव, आलोचना और अपनी प्रतिक्रिया के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने रॉयल्स के मैनेजर और अपने लोकल गार्जियन रोमिल भिंडर से बात करते हुए कहा, 'मैं उस गेंदबाज के सामने स्पष्ट योजना के साथ गया था. पिछले मैच में आउट होने के बाद जब मैं होटल गया और अपना फोन देखा तो कई सारे चीजें उसमें नज़र आई. मैं आमतौर पर इन बातों पर ध्यान नहीं देता हूं लेकिन जब कोई आपसे व्यक्तिगत तौर पर कुछ कहता है तो इससे मुझे थोड़ा फर्क पड़ता है. मैं केवल अपने बल्ले से जवाब देना चाहता था. मैं पहली गेंद से ही खुलकर खेल रहा था और मैंने आज भी वही करने का प्रयास किया.'
सूर्यवंशी ने शतक के बाद आउट होने के तरीके पर जताई नाखुशी
सूर्यवंशी ने हैदराबाद के सामने जयपुर में खेले गए मैच में 36 गेंद में शतक जमाया जो आईपीएल इतिहास का तीसरा सबसे तेज रहा. वे 37 गेंद में पांच चौकों व 12 छक्कों से 103 रन बनाकर आउट हुए. साकिब हुसैन की गेंद पर रिवर्स करते हुए वे पगबाधा हो गए. इस बारे में सूर्यवंशी ने कहा, 'आज मैंने अच्छा खेला, लेकिन मुझे वो शॉट नहीं खेलना चाहिए था जो मैंने खेला. जिस तरह से मैं आउट हुआ, वो मेरा स्वाभाविक शॉट भी नहीं था. मैंने कुछ अतिरिक्त करने की कोशिश की शायद इसलिए हम 20 रन से हार गए. अगर मैं क्रीज पर टिका रहता, तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था.'
सूर्यवंशी आईपीएल में 2025 के सीजन से आए थे और अभी तक दो शतक लगा चुके हैं. उन्होंने पिछले सीजन में गुजरात टाइटंस के सामने 35 बॉल में सैकड़ा जड़ा था जो आईपीएल इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है.

