आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स और उनके कप्तान ऋषभ पंत की मेहनत पर पानी फिर सकता था. जिस गेंद पर पंत ने विजयी शॉट लगाया था उस पर बाउंड्री के पास खड़े आवेश खान ने एक बड़ी गलती कर दी थी. उन्होंने गेंद के बाउंड्री पार करने से पहले ही उसे अपने बल्ले से मारकर वापस मैदान में भेज दिया था. सनराइजर्स हैदराबाद ने इस बात का मुद्दा नहीं बनाया अगर अंपायर से शिकायत की जाती तो विवाद हो सकता था. नियम बताते हैं कि इसके चलते लखनऊ को सजा झेलनी पड़ जाती.
लखनऊ को जीत के लिए 157 रन का लक्ष्य मिला था. पंत के कमाल से टीम करीब पहुंच गई. आखिरी ओवर में उसे 11 रन बनाने थे. तब पंत ने जयदेव उनादकट की ओर से फेंके गए आखिरी ओवर में दो चौके लगाते हुए टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया. इसके बाद दो गेंद डॉट रही. अगली गेंद पर पंत ने सामने की तरफ शॉट लगाकर गेंद को चौके के लिए भेज दिया. शॉट लखनऊ के डगआउट की तरफ गया. वहां खड़े आवेश खान ने गेंद के बाउंड्री पार होने से पहले ही उसे बल्ले से मारकर वापस अंदर पहुंचा दिया.
आवेश खान की हरकत पर अंपायर कौनसे नियमों से लेते फैसला
जब आवेश ने किया तब तक मैदान में लखनऊ और हैदराबाद के खिलाड़ियों ने हाथ मिला लिए. इससे लखनऊ के गेंदबाज की हरकत छुप गई. हालांकि यह नियमों के विरुद्ध थी. आईसीसी नियमों के तहत फील्डिंग टीम के मैदान में मौजूद खिलाड़ियों के अलावा बाहर बैठे किसी भी शख्स को गेंद के साथ दखल नहीं देनी चाहिए. ऐसा करना नियमों को तोड़ना होता. अंपायर ऐसी स्थिति में गेंद को डेड करार दे सकते हैं. साथ ही पांच रन की पेनल्टी भी लगा सकते हैं.
अगर हैदराबाद की तरफ से शिकायत होती तब मैदानी अंपायर्स को नियम 20.1 और नियम 41 के तहत फैसला करना होता. आवेश की हरकत इन नियमों के तहत आती है.

