कौन हैं 33 साल की उम्र में IPL डेब्यू करने वाले रघु शर्मा? 2011 में एमएस धोनी के भारत को वर्ल्ड कप जिताने के बाद चुना क्रिकेट

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रघु शर्मा ने 33 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू किया. (PC: X)
रघु शर्मा ने 33 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू किया. (PC: X)

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रघु शर्मा ने 33 साल की उम्र में आईपीएल डेब्यू किया.

रघु मुंबई इंडियंस के नेट बॉलर थे.

मुंबई इंडियंस ने चेन्नई सुपर किंग्स के ख‍िलाफ रघु शर्मा को आईपीएल में डेबयू का मौका दिया. रघु ने 33 की उम्र में आईपीएल में डेब्यू किया. रघु को पिछले साल मुंबई इंडियंस ने चोटिल विग्नेश पुथुर की जगह 30 लाख रुपये में टीम में शामिल किया था, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था. 2 मई को मुंबई इंडियंस के लिए अपना IPL डेब्यू करने से पहले रघु अब तक चार T20 मैच खेल चुके हैं और चार विकेट ले चुके हैं. उनके नाम 12 फर्स्ट क्लास मैचों में 57 विकेट और 12 लिस्ट A मैचों में 18 विकेट भी दर्ज हैं. 

वनडे वर्ल्ड कप की जीत के बाद गंभीर हुए रघु


रघु ने बचपन में गंभीरता से क्रिकेट नहीं खेला था, उन्होंने 18 साल के होने के बाद ही इसे अपनाना शुरू किया. तब से उनके करियर ने उन्हें भारत में पंजाब से पुडुचेरी तक, श्रीलंका के गाले तक और इंग्लैंड के स्टोक-ऑन-ट्रेंट तक पहुंचाया है और इस सफर में शेन वॉर्न, इमरान ताहिर की भूमिका अहम रही. रघु डॉक्टरों और इंजीनियरों के परिवार से आते हैं और जब उन्होंने 2011 में जालंधर में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया, तो वे भी उसी रास्ते पर चलने वाले थे. भारत ने उसी साल एमएस धोनी की कप्तानी में ODI वर्ल्ड कप जीता था. इससे क्रिकेट में उनकी दिलचस्पी जागी और उन्होंने पास के बर्लटन पार्क में प्रैक्टिस के लिए जाना शुरू कर दिया. हालांकि एक दिक्कत थी. क्रिकइंफो के अनुसार उस समय उनका वजन 102kg था. उनकी तरफ कोई कोच ध्यान भी नहीं देता था. तब उन्हें वजन कम करने की ज़रूरत हुई और उसके बाद उन्होंने जमकर मेहनत की और वजह कम किया. 

तेज गेंदबाज़ के तौर पर शुरुआत

रघु ने एक तेज गेंदबाज़ के तौर पर शुरुआत की थी, लेकिन एक दिन हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आने के बाद उन्होंने बिना रन-अप के लेगकटर डालना शुरू कर दिया. तभी जालंधर जिला क्रिकेट संघ के कोच मदन लाल की नज़र उन पर पड़ी और उन्होंने रघु को लेगस्पिन गेंदबाजी अपनाने की सलाह दी. जल्द ही रघु को ऑस्ट्रेलिया के पूर्व लेग-स्पिनर वॉर्न मिल गए, जिन्होंने इस कला की बुनियादी बातें भी सिखाईं. वह मैदान पर कड़ी मेहनत तो कर रहे थे, मगर उन्हें पंजाब टीम के लिए नहीं चुना जा रहा था, लेकिन उनकी प्रतिभा किसी की नज़र से छिपी नहीं रही. 2016 में हरभजन सिंह ने MI के लिए नेट बॉलर के तौर पर रघु के नाम की सिफ़ारिश की. उनकी काबिलियत को देखते हुए फ्रेंचाइज ने उन्हें अगले सीजन में ट्रायल्स के लिए बुलाया, लेकिन वह उसमें सफल नहीं हो पाए. 

पंजाब से पुडुचेरी

आखिरकार, 2017-18 में, युवराज सिंह की कप्तानी में उन्होंने पंजाब के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया. अपने दूसरे ही मैच में उन्होंने गोवा के खिलाफ सात विकेट लिए, लेकिन उन्हें बाकी के पूरे सीज़न के लिए टीम से बाहर कर दिया गया. अगले सीजन में उन्हें सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला, जिसके बाद उन्हें पूरी तरह से भुला दिया गया. बेहतर मौकों की तलाश में वह पुडुचेरी चले गए और 2020-21 में वहां से अपना List A और T20 डेब्यू किया. वहां भी उन्हें ज़्यादा मौके नहीं मिले. 


फिर, 2025 IPL के दौरान रघु ने नेट्स और इंट्रा-स्क्वाड मैचों में MI टीम मैनेजमेंट को इतना प्रभावित किया कि जब मौका मिला, तो उन्होंने उसे साइन कर लिया और अब उन्हें डेब्यू का मौका मिल गया. 

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