फटे जूतों से खेलने वाला बना राजस्थान रॉयल्स का काल, जानें कौन हैं SRH के साकिब हुसैन?

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साकिब हुसैन बिहार के गोपालगंज के हैं. (PC: X)
साकिब हुसैन बिहार के गोपालगंज के हैं. (PC: X)

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साकिब हुसैन बिहार के गोपालगंज के हैं.

साकिब ने राजस्थान के ख‍िलाफ 24 रन पर चार विकेट लिए.

Sakib Hussain IPL journey: सनराइजर्स हैदराबाद ने आईपीएल 2026 की टेबल टॉपर राजस्थान रॉयल्स को धूल चटा दी. हैदराबाद ने राजस्थान के अजेय सफर को भी रोक द‍िया और राजस्थान की जीत के सिलसिले को तोड़ने में सबसे बड़ा हाथ सनराइजर्स हैदराबाद के दो गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन का रहा. दोनों ने चार चार विकेट लिए. साकिब सबसे किफायती भी रहे. उन्होंने 24 रन देकर चार विकेट लिए. मैच से पहले जिन नाम को कोई जानता भी नहीं था, वो देखते ही देखते छा गया. साकिब रातोंरात स्टार बन गए और उनके छाने के साथ ही उनका वो संघर्ष, उनकी वो कहानी भी सामने आई, जिसे या तो वो जानते हैं या सिर्फ उनका पर‍िवार. 

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कोलकाता ने नहीं दिया मौका

बिहार के गोपालगंज में जन्में साकिब कोलकाता नाइट राइडर्स का भी हिस्सा रह चुके हैं. 2024 में केकेआर ने उन्हें अपने स्क्वॉड में शामिल किया था, मगर मैदान पर उतरने का मौका नहीं मिला. इसके बाद आईपीएल 2026 ऑक्शन में साकिब को हैदराबाद ने 30 लाख रुपये की बेस प्राइस में खरीदा. जिसके बाद अब उन्होंने आईपीएल में डेब्यू किया. 

मां ने बेचे गहने


साकिब जब कोलकाता का हिस्सा थे, उस दौरान उन्होंने अपने और अपने पर‍िवार के संघर्ष का खुलासा किया था. उनके प‍िता एक किसान थे और घर चलाने के लिए अतिर‍िक्त कमाई के लिए वह मजदूरी भी किया करते थे. साकिब ने भी घर चलाने में पिता की मदद के लिए 500-700 रुपये में टेनिस बॉल से मैच खेले थे. इतना ही नहीं, उनकी आर्थिक हालात इतनी खराब थी कि जब बिहार की रणजी टीम में उनका सेलेक्शन हुआ तो उन्होंने पास अच्छे जूते नहीं थे. वह फटे जूतों से ही खेलते थे. ऐसे में उनकी मां ने अपने गहने बेचकर उनके लिए जूते खरीदे. 


साकिब का पर‍िवार उन्हें सेना की वर्दी में देखना चाहता था. पर‍िवार चाहता था कि साकिब भी पर‍िवार के भरण पोषण में मदद करें. हालांकि वो सेना में तो नहीं जा पाए, मगर अब क्रिकेट के जरिए परिवार की मदद जरूर कर रहे हैं.