ऋषभ पंत के लखनऊ की कप्तानी छोड़ने के अंदर की कहानी आई सामने, बीच सीजन ही कर लिया था फैसला

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ऋषभ पंत 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान बने थे. (Photo: IPL)
ऋषभ पंत 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स के कप्तान बने थे. (Photo: IPL)

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ऋषभ पंत 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बने थे.

ऋषभ पंत को लखनऊ ने 27 करोड़ रुपये में लिया था.

ऋषभ पंत ने आईपीएल 2026 के समाप्त होने के साथ ही लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी छोड़ दी. 29 मई को फ्रेंचाइज ने यह जानकारी दी. इसमें कहा गया कि ऋषभ ने कप्तानी छोड़ने का निवेदन किया था जिसे मान लिया गया. लेकिन कारण नहीं बताया गया कि दो सीजन बाद ही इस स्टार खिलाड़ी ने कप्तानी क्यों छोड़ी. माना जा रहा है कि टीम के निराशाजनक खेल और अंक तालिका में सबसे नीचे रहने के चलते यह कदम उठाया. ऋषभ पंत 27 करोड़ रुपये की रकम में आईपीएल 2025 से पहले लखनऊ का हिस्सा बने थे.

पंत के लखनऊ की कप्तानी छोड़ने की वजह टीम के खराब प्रदर्शन के साथ ही टीम मैनेजमेंट के साथ पटरी नहीं बैठना भी रहा. पूरे सीजन उन्होंने इसके संकेत दिए थे. पोस्ट मैच के दौरान पंत ने कहा था कि मैनेजमेंट में कई तरह के अलग-अलग थॉट प्रोसेस (विचार) हैं जिसकी वजह से गफलत हो रही है. लखनऊ के पास मैनेजमेंट में हेड कोच जस्टिन लैंगर, डायरेक्टर टॉम मूडी, असिस्टेंट कोच लांस क्लूजनर और मेंटॉर की तरह की भूमिका में केन विलियमसन हैं. इतने सारे दिग्गजों के रहते फैसलों में समानता नहीं रही. इससे पंत काफी नाराज दिखे.

ऋषभ पंत को अपनी मर्जी से कप्तानी करने में हो रही थी दिक्कत

पंत को इस बात की भी समस्या हो रही थी वह कप्तान के तौर पर खुलकर फैसले नहीं कर पा रहे थे. वह आमतौर पर सहजता से उपजने वाले फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं और उनका करियर इसी तरह के फैसलों के चलते आगे बढ़ा है. ऐसा ही एक उदाहरण कोलकाता नाइट राइडर्स के सामने मैच के दौरान दिखा. तब सुपर ओवर में पंत चाहते थे कि आयुष बडोनी को बैटिंग के लिए भेजा जाए लेकिन मैनेजमेंट ने निकोलस पूरन को भेजा. पूरन बुरी तरह से नाकाम रहे. इससे लखनऊ हार गई.

पंत ने बीच सीजन कर लिया था कप्तानी छोड़ने का फैसला

पंत ने कप्तानी छोड़ने को लेकर सीजन के बीच ही फैसला कर लिया था. उन्होंने आईपीएल 2026 के दूसरे हाफ में कह दिया था कि वह इस भूमिका में नहीं रहना चाहते. फ्रेंचाइज ने उन्हें शुरू में मनाने की कोशिश की. लेकिन पंत नहीं माने. जैसे ही सीजन समाप्त हुआ तो उन्होंने फिर से इस बात को दोहराया. कई दौर की बातचीत के बाद फ्रेंचाइज ने उनकी बात मान ली.