मुझे सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीम नहीं बनानी है, RR के कप्तान रियान पराग ने क्यों दिया ऐसा बयान

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रियान पराग. (Photo: RR)
रियान पराग. (Photo: RR)

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रियान पराग की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स की टीम आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में पहुंची.

राजस्थान को आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद का सामना करना है.

रियान पराग ने आईपीएल 2026 से ठीक पहले राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी नियमित तौर पर संभाली. उनके नेतृ्त्व में 2008 की विजेता टीम प्लेऑफ में पहुंच गई. रियान पराग ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीम नहीं बनाना चाहते थे जहां पर सभी बल्लेबाजों के खेलने का तरीका एक सा है. राजस्थान को आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में हैदराबाद का ही सामना करना है. यह मैच 27 मई को न्यू चंडीगढ़ में होना है.

पराग ने दी क्रिकेट मंथली को दिए इंटरव्यू में अपनी कप्तानी के तरीके पर बात की. उन्होंने कहा,  '2026 आईपीएल से मेरा विचार था कि मुझे सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीम नहीं बनानी है. मैं ऐसी टीम नहीं चाहता जो केवल 250-300 रन बनाती हो.  मैं ऐसी बैटिंग लाइन अप चाहता हूं जो काफी स्मार्ट हो, जो स्थिति को समझे और बहुत अच्छे से ढल जाए. अगर 170 पार स्कोर है तो मैं चाहता हूं कि हम 180 बनाए. अगर 200 रन का विकेट है और हमें लक्ष्य का पीछा करना है तो हमें 18 ओवर में ऐसा करना है. और अगर हमें 250 से 270 रन की दरकार है तो हमें वैसा भी करना चाहिए.'

रियान पराग ने समझाया क्यों हैदराबाद सी टीम नहीं चाहते

राजस्थान को आईपीएल 2026 में अभी तक दोनों ही मैचों में हैदराबाद के सामने हार मिली है. ऐसे में प्लेऑफ में उसके सामने बड़ी चुनौती रहने वाली है. जब पराग से पूछा गया कि सनराइजर्स हैदराबाद जैसी टीम नहीं बनना है से उनका क्या मतलब है तो उन्होंने कहा, 'अगर मुझे सनराइजर्स हैदराबाद की रणनीति समझानी हो तो शुरुआत से ही उनका स्ट्राइक रेट 180 या 200 के आसपास होता है. आपकी टीम के सभी खिलाड़ी लगभग एक ही तरह से खेलते हैं और धीरे-धीरे अपना रन रेट बढ़ाते जाते हैं.'

राजस्थान के कप्तान ने अपनी टीम की रणनीति के बारे में कहा, 'हमारी रणनीति यह है: वैभव (सूर्यवंशी) और यशस्वी जायसवाल ओपनिंग में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हैं. फिर ध्रुव जुरेल बल्लेबाजी करने आते हैं और पारी को थोड़ा संभालते हैं लेकिन 150-160 के स्ट्राइक रेट को बनाए रखते हैं. मैं चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने आता हूं और पूरी पारी को संभालता हूं. अगर कोई बल्लेबाज 200-220 के स्ट्राइक रेट से अच्छा खेल रहा होता है, तो मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि मेरा स्ट्राइक रेट 140-130 के आसपास रहे ताकि हम ज्यादा विकेट न गंवाएं और प्रति ओवर 10-12 रन बना सकें. जैसे ही वह साझेदारी टूटती है, हेटी (शिमरॉन हेटमायर) तय करता है कि वह 200 की गति से खेलना चाहता है या पांच गेंद खेलकर 120 की गति से बल्लेबाजी करना चाहता है और फिर आखिरी पांच ओवरों का इंतजार करना चाहता है जहां अगर टॉप ऑर्डर से कोई बल्लेबाजी जारी रखता है या डॉन (डोनोवन फरेरा) आता है तो वे दोनों 250 या 300 की स्ट्राइक रेट से खेलते हैं.'