इस वीडियो में दिल्ली और राजस्थान के बीच होने वाले बासठवें मुकाबले का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। दोनों टीमों के लिए प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी है। दिल्ली की टीम अगर अपने बचे हुए दोनों मैच जीतती है, तो उसके पास क्वालीफाई करने का एक बाहरी मौका होगा। दूसरी तरफ, राजस्थान के पास तीन मैच बचे हैं और इस जीत से उनकी प्लेऑफ की राह आसान हो जाएगी। अरुण जेटली स्टेडियम की पिच संतुलित मानी जा रही है, जहां औसत स्कोर एक सौ सत्तर के आसपास रहता है। स्पिनरों को इस पिच से मदद मिलने की उम्मीद है और शाम के समय ओस भी एक अहम भूमिका निभा सकती है। हेड टू हेड आंकड़ों में दोनों टीमों के बीच अब तक इकत्तीस मुकाबले हुए हैं, जिनमें दिल्ली ने सोलह और राजस्थान ने पंद्रह मैच जीते हैं। इस अहम मुकाबले में दोनों टीमों के प्रदर्शन पर सबकी नजरें टिकी होंगी।
दिल्ली-राजस्थान में प्लेऑफ के लिए करो या मरो का मुकाबला, जानें पिच का मिजाज
इस वीडियो में दिल्ली और राजस्थान के बीच होने वाले बासठवें मुकाबले का विस्तार से विश्लेषण किया गया है। दोनों टीमों के लिए प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए यह मैच जीतना बेहद जरूरी है। दिल्ली की टीम अगर अपने बचे हुए दोनों मैच जीतती है, तो उसके पास क्वालीफाई करने का एक बाहरी मौका होगा। दूसरी तरफ, राजस्थान के पास तीन मैच बचे हैं और इस जीत से उनकी प्लेऑफ की राह आसान हो जाएगी। अरुण जेटली स्टेडियम की पिच संतुलित मानी जा रही है, जहां औसत स्कोर एक सौ सत्तर के आसपास रहता है। स्पिनरों को इस पिच से मदद मिलने की उम्मीद है और शाम के समय ओस भी एक अहम भूमिका निभा सकती है। हेड टू हेड आंकड़ों में दोनों टीमों के बीच अब तक इकत्तीस मुकाबले हुए हैं, जिनमें दिल्ली ने सोलह और राजस्थान ने पंद्रह मैच जीते हैं। इस अहम मुकाबले में दोनों टीमों के प्रदर्शन पर सबकी नजरें टिकी होंगी।
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