Ind vs Nz : न्यूजीलैंड के खिलाफ गेंद और बल्ले से कमाल दिखाने वाले अक्षर ने माना, यह साल सपने जैसा

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Ind vs Nz : न्यूजीलैंड के खिलाफ गेंद और बल्ले से कमाल दिखाने वाले अक्षर ने माना, यह साल सपने जैसा

नई दिल्ली। भारतीय टेस्ट टीम में इन दिनों अक्षर पटेल का जलवा गेंद और बल्ले दोनों से जारी है. अक्षर पटेल का हमेशा से सपना रहा है कि वह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और इंग्लैंड के बाद अब न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ क्रिकेट के बड़े मंच पर ऐसा करके वह काफी खुश हैं. अक्षर 2021 में डेब्यू से पहले सालों तक ज्यादातर एक अन्य बायें हाथ के स्पिनर रविंद्र जडेजा की छाया में बने रहे थे लेकिन उन्होंने अब अपने पांचवें टेस्ट में 36 विकेट चटका लिए हैं. यह पूछने पर कि वह इंग्लैंड के खिलाफ तीन टेस्ट में 27 विकेट से शुरू हुए इस वर्ष को किस तरह देखेंगे तो उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से एक सपना ही है.

अक्षर ने कहा, ‘‘वास्तव में यह मेरे लिए स्वप्निल वर्ष रहा है, आप ऐसा कह सकते हैं. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मैंने जिस तरह से गेंदबाजी की और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जिस तरह से जा रही है और इस बीच में आईपीएल भी था तो मैं कह सकता हूं कि यह व्यक्तिगत रूप से मेरे लिए काफी अच्छा वर्ष रहा है.’’

न्यूजीलैंड के खिलाफ अक्षर ने बल्ले से भी दिखाया जलवा 

अश्विन, जडेजा और अक्षर की ऑलराउंड तिकड़ी 
बल्कि इस मौजूदा टेस्ट में खेली गई उनकी दो महत्वपूर्ण पारियों ने उन्हें भरोसा दिला दिया है कि घरेलू हालात में उनकी, रविचंद्रन अश्विन और जडेजा की तिकड़ी पूर्ण रूप से ऑलराउंडर के तौर पर खेल सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘बल्लेबाजी कोच (विक्रम राठौड़) और टीम प्रबंधन को मेरी बल्लेबाजी क्षमता पर भरोसा है और उन्होंने हमेशा मुझे कहा है कि ‘तुम कर सकते हो’. इससे पहले जब मुझे मौका मिला तो मैं शुरूआत को अच्छे स्कोर तक नहीं ले जा सका लेकिन इस बार मैंने ऐसा कर दिया. मेरी बल्लेबाजी से टीम को फायदा मिल रहा है और अगर आप मुझे, जड्डू और ऐश भाई को बतौर ऑलराउंडर खेलते देखो तो इससे हमारे बल्लेबाजों से थोड़ा दबाव कम हो जाएगा इसलिये यह अच्छा संकेत है. अगर मैं योगदान करना जारी रखूंगा, यह मेरे और मेरी टीम के लिए अच्छा है.’’

 

साउथ अफ्रीका दौरे पर बाहर बैठ सकते हैं अक्षर 
अक्षर ने अंत में कहा कि लेकिन वह जानते हैं कि साउथ अफ्रीका सीरीज पर उन्हें बाहर बैठना पड़ सकता है. उन्होंने कहा, ‘‘टीम प्रबंधन हमसे चर्चा करता है और हमें बताता है कि हम टीम संयोजन में फिट होते हैं या नहीं. टीम के लिए जो भी प्राथमिकता होती है, वह किया जाता है. हम खुद को कहते हैं कि हमें अपने रोजमर्रा के अभ्यास पर ध्यान रखना चाहिए और हम कैसे सुधार सकते हैं. ’’